
नईदुनिया न्यूज, सुकमा: बस्तर अंचल में शांति और स्थिरता की दिशा में लगातार और निर्णायक प्रगति देखने को मिल रही है। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने पत्रवार्ता में कहा कि हिंसा का कोई भविष्य नहीं है और बस्तर का विकास केवल संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के जरिए ही संभव है। उन्होंने हिंसा का रास्ता अपनाने वाले माओवादी कैडरों से अपील की कि वे समय रहते मुख्यधारा में लौटें और विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
हाल ही में जिले के बुर्कलंका और पामलूर इलाके में हुई मुठभेड़ में पांच महिला माओवादियों सहित कुल 12 माओवादी मारे गए थे। सभी के शव जिला मुख्यालय लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें स्वजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस के अनुसार सभी मारे गए माओवादियों की पहचान कर ली गई है।
मारे गए माओवादियों में डीवीसीएम वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का (8 लाख), एसीएम माड़वी हितेश (8 लाख), सीवाईपीसी पोड़ियम जोगा (10 लाख) और एसीएम कोमरम बदरी, झितरू माड़वी, माड़वी मुक्का, मुचाकि मुन्नी, माड़वी जमली व पोड़ियम रोशनी शामिल हैं, जिन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा तामो नंदा, मड़कम रामा और मासे पार्टी सदस्य थे, जिन पर 2-2 लाख रुपये का इनाम था।
मुठभेड़ स्थल से AK-47, इंसास, SLR राइफल, BGL लांचर, 12 बोर हथियार, वायरलेस सेट, स्कैनर और बड़ी मात्रा में जिंदा राउंड बरामद किए गए हैं। इस दौरान एएसपी आईपीएस रोहित शाह, एएसपी अभिषेक वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
मुठभेड़ स्थल से एक धमकी भरा पत्र भी मिला है, जिसमें मेहता ग्राम पंचायत के बालंगतोग गांव के एक ग्रामीण को पुलिस मुखबिर बताते हुए चेतावनी दी गई है। पत्र में जन अदालत में मारपीट और सुधार न होने पर कार्रवाई की बात लिखी गई है।
कोंटा एरिया कमेटी में लगभग माओवादी खत्म हो चुके है। कुछ माओवादी अभी भी जिले में होने की संभावना है। उन सभी से मेरी अपील है कि बहुत जल्द आत्म समर्पण कर ले, समय बहुत कम बचा है। हमारे जवान क्षेत्र की शांति और विकास के लिए लगातार आपरेशन कर रहे है।
-किरण चव्हाण एसपी सुकमा।