
नईदुनिया न्यूज, सुकमा। सुकमा जिले के नए पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर ने विधिवत पदभार ग्रहण कर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जिले की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान आगामी दिनों में चलाए जाने वाले अभियानों और पुलिस विभाग की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
IPS मयंक गुर्जर वर्ष 2020 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से मध्यप्रदेश के इंदौर के निवासी हैं। उन्होंने IIT से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया।
अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई उल्लेखनीय जिम्मेदारियां निभाईं। डोंगरगांव थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने जनसहयोग से करीब 50 लाख रुपये की लागत वाले कैमरा प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल की। वहीं बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल) के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने दर्जनों सुरक्षा कैंप स्थापित कराने में भूमिका निभाई। इसके अलावा कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर संचालित बड़े नक्सल विरोधी अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही।
पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कहा कि सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सुकमा में शांति और विकास का वातावरण लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इससे स्थानीय ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
मयंक गुर्जर ने कहा कि जिला पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है। इसके लिए सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सतत मौजूदगी, जनसहयोग और शासन की विकासोन्मुखी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों का विश्वास और मजबूत करने की बात कही। उनके अनुसार, शांति और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों को सफल बनाने के लिए प्रशासन तथा जनता की साझेदारी बेहद आवश्यक है।