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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुकमा के धनिकोर्ता में रहस्यमयी बीमारी… सीने में दर्द और खांसी के बाद 8 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के धनिकोर्ता गांव में रहस्यमयी बीमारी के कारण एक महीने में 13 ग्रामीणों की मौत हो गई है। मरने वालों को सीने में दर्द और खांसी ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 05 Mar 2025 10:56:06 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Mar 2025 03:05:09 PM (IST)
सुकमा के धनिकोर्ता में रहस्यमयी बीमारी… सीने में दर्द और खांसी के बाद 8 लोगों की मौत
गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है जांच। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. ग्रामीणों की जांच के लिए हेल्थ टीम धनिकोर्ता पहुंची है।
  2. लगातार मौतों के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बना है।
  3. धनिकोर्ता गांव के लगभग हर घर में एक मौत हुई है।

नईदुनिया न्यूज, सुकमा। सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लाक के धनिकोर्ता गांव में पिछले एक माह में 8 मौतें हो गई। जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है। तीन दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाया है। गांव में अब भी लोग बीमार हैं। यहां हाथ पैर दर्द व सीने में दर्द की शिकायत है। यहां 80 लोगों की जांच की गई है, जिसमें बीपी, शुगर और मलेरिया की जांच की गई है।

इन मौतों का कारण सीने में दर्द और खांसी की शिकायत बताया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों की हालत तेजी से बिगड़ रही है और उनकी जान जा रही है। गांव में लगभग हर घर से मौत की खबर आ रही है, जिससे वहां भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के बताया कि मृतकों में ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने शुरुआत में सीने में दर्द और खांसी की शिकायत की थी।


जांच शुरू कर दी गई

इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की निगरानी शुरू की है और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए नमूने एकत्र किए हैं। हालांकि, अभी तक मौतों के सटीक कारण का खुलासा नहीं हो सका है।

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पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

सुकमा जिले में इस तरह की रहस्यमयी मौतों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2020-22 के दौरान कोंटा ब्लाक के रेगड़गट्टा गांव में 61 ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

वहीं, वर्ष 2024 में छिंदगढ़ ब्लाक के चितलनार गांव में उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद 15 दिनों के भीतर सात लोगों की जान चली गई थी। इसके साथ ही इतकल व अन्य गांवों में वर्ष 2020-24 के बीच 44 मौतें हुई थी। इन घटनाओं ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमारियों की रोकथाम को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

इधर... गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की लंबित योजनाओं और प्रकरणों की समीक्षा की गई। ध्रुव ने पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले के दूरस्थ अंदरूनी क्षेत्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, आश्रम-शालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में समुचित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही, बिगड़े हुए हैंडपंपों को तत्काल सुधारने और पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गंभीर कुपोषित बच्चों को अनिवार्य रूप से पोषण एवं पुनर्वास केंद्र लेकर जाएं जिससे ग़रीब बच्चों को शासन की योजना का लाभ मिल सके।

हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण करें

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कलेक्टर ध्रुव ने अधिकारियों से कहा कि आचार संहिता समाप्त हो चुकी है, इसलिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं पर त्वरित गति से कार्य करें और हितग्राहियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।

सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के निर्देश

उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन प्रकरण, संविदा भर्ती कार्य, आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य, बच्चों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत कृषक पंजीयन शिविर के संबंध में कलेक्टर ने जानकारी ली और अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के निर्देश दिए।

एग्रीस्टैक परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर किसानों का कृषक पंजीयन किया जा रहा है। उन्होंने स्कूलों, आश्रम शालाओं, स्वास्थ्य केन्द्रों व आंगनबाड़ी का निरीक्षण करने अधिकारियों को निर्देश दिया।