
नईदुनिया प्रतिनिधि, सुकमा। जिले के अंतिम छोर पर बसा कोंटा इलाका जहां पिछले चार दशकों से माओवाद का कब्जा रहा है, लेकिन बीते दो सालो से लगातार माओवादियों की कमर पुलिस प्रशासन तोड़ रही है। कुछ माओवादियों ने आत्म समर्पण कर दिया, तो कुछ माओवादी मारे जा रहे है।
कोंटा एरिया कमेटी में पिछले कई सालो से सक्रिय माओवादी मंगडू अपने साथियों के साथ सुबह मुठभेड़ में मारा गया। हालांकि इतने माओवादी मारे गए है इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन मुठभेड़ की अधिकारिक पुष्टि पुलिस ने कर दी है।
जानकारी के मुताबिक जिले के किस्टाराम थानाक्षेत्र के पामलूर इलाके में कोंटा एरिया कमेटी सचिव मंगड़ू अपने साथियों के साथ छुपा हुआ था। जिसकी जानकारी मिलते ही एसपी किरण चव्हाण ने डीआरजी टीम को ऑपरेशन के लिए रवाना किया।
सुबह जैसे ही जवान उस इलाके में पहुंचे तो माओवादियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। दोनों और से करीब एक घंटे तक रूक-रूक कर फायरिंग हुई, जिसके बाद इलाके की सर्चिग करने पर 12 माओवादियों के शव और हथियार बरामद हुए। अभी भी जवान मौके पर मौजूद हैं। इलाके की सर्चिग कर रहे है। माओवादी मारे जाने का आंकड़ा और बढ़ सकता है। जवान वापस कैंप लौटेंगे, तभी पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
जानकारी के मुताबिक वेट्टी मुका उर्फ मंगडू उम्र 40 वर्ष सुकमा जिले के गोगुड़ा गांव का रहने वाला था। पिछले कई सालों से माओवादी संगठन में काम कर रहा था। वर्तमान में वो कोंटा एरिया कमेटी के सचिव पद पर कार्यरत था। कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा। अपने पास एके47 जैसे हथियार रखता था। शासन ने 8 लाख का इनाम घोषित किया था।
आज हुई मुठभेड़ में एसीएम हितेश भी मारा गया है। 9 जून को कोंटा के पास एक आईईडी की चपेट में आने से तत्कालीन स्व. एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की शहादत हो गई थी।उस घटना को एसीएम हितेश ने अंजाम दिया था। आज जवानों ने एएसपी आकाश राव की शहादत का बदला ले लिया।