
नईदुनिया प्रतिनिधि, सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में लाल आतंक के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुकमा जिले के दुर्गम और घने जंगलों में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के हथियार डंप का पर्दाफाश किया है। मौके से 13 अत्याधुनिक व देशी हथियार, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और 200 से अधिक डेटोनेटर बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित माओवादियों से सुरक्षा बलों को किस्टाराम थाना क्षेत्र में हथियारों का जखीरा छिपाए जाने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इन इनपुट्स के आधार पर 12 अक्टूबर को जिला पुलिस बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम गठित कर ग्राम पालाचलमा के पहाड़ी और जंगली इलाकों में विशेष सर्चिंग अभियान शुरू किया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने पालाचलमा की पहाड़ियों में सघन छानबीन की। इस दौरान माओवादियों द्वारा पत्थरों और जमीन के नीचे सुरक्षित तरीके से छिपाकर रखा गया डंप बरामद हुआ। जब डंप को बाहर निकाला गया, तो उसमें से घातक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। इनमें दो .303 रायफल, चार बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), तीन 12 बोर रायफल, एक सिंगल शॉट वेपन, दो भरमार बंदूक और एक देशी कट्टा शामिल था।
हथियारों के अलावा सुरक्षा बलों को इंसास मैगजीन समेत 26 जिंदा राउंड और 12 बोर के 20 जिंदा कारतूस मिले। इसके साथ ही मौके से 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, एक तीर बम, दो बीजीएल सेल, मैगजीन पाउच, एक वायरलेस सेट और दो चार्जर भी बरामद किए गए। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि माओवादी किसी बड़ी हिंसक वारदात या सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश के इरादे से यह सामग्री इकट्ठा कर रहे थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया है।
बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे आक्रामक नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी बैकफुट पर हैं। बीते कुछ महीनों में सुकमा, बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती व अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के कई कोर ठिकानों और अस्थाई कैंपों को ध्वस्त कर भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और रसद सामग्री जब्त की गई है।