• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • सूरजपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसपी-जज के नाम पर ठग लिए 75 हजार, जेल में बंद आरोपी की रिहाई के लिए मांगे थे

झांसे में आकर चिंतामणि ने चार अगस्त को ही आरोपित द्वारा दिए गए खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिया। उसके बाद थाने से फाइल कंप्लीट कराने के नाम पर...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 16 Sep 2025 07:38:15 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Sep 2025 07:41:50 PM (IST)
एसपी-जज के नाम पर ठग लिए 75 हजार, जेल में बंद आरोपी की रिहाई के लिए मांगे थे
अधिकारियों के नाम पर की ठगी।

नईदुनिया न्यूज, सूरजपुर। एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद आरोपित अनिल बंजारे की रिहाई के लिए थानेदार से लेकर एसपी, जज और जेल अधीक्षक के नाम पर मोबाइल कॉल के जरिये आरोपित के पिता चिंतामणी बंजारे से 75 हजार रुपये ठग लिए गए। मामले में बसदेई पुलिस ने आरोपित मोबाइल नंबर धारकों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया है।

ठगी के शिकार सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे के पुत्र अनिल बंजारे व अन्य के विरुद्ध गांधीनगर अंबिकापुर थाने में तीन अगस्त को एनडीपीएस का अपराध दर्ज किया गया था।

उसी दिन पुलिस ने आरोपित अनिल बंजारे को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल अंबिकापुर भेज दिया था। उसके अगले दिन एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा अनिल के घर फोन कर उसके पिता चिंतामणी से कहा कि वह थाने से बोल रहा है।


अनिल बंजारे का नाम एनडीपीएस के मामले से हटाना हो तो एसपी को 25 हजार रुपये तत्काल देना पड़ेगा। उसके झांसे में आकर चिंतामणि ने चार अगस्त को ही आरोपित द्वारा दिए गए खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिया।

उसके बाद थाने से फाइल कंप्लीट कराने के नाम पर गांधीनगर थाना टीआई के लिए 10 हजार, जेल अधीक्षक को देने के नाम पर 15 हजार, जज के लिए 25 हजार रुपये की मांग की, जिसे चिंतामणी ने अलग-अलग खातों में जमा किया।

इसके बाद आरोपित ने चिंतामणी को जेल आकर अपने बेटे को ले जाने के लिए भी बुलाया। इस पर चिंतामणि परिवार के सदस्यों के साथ केंद्रीय जेल अंबिकापुर पहुंचा, लेकिन जब बेटा जेल से बाहर नहीं आया तो उसे ठगी का अहसास हुआ।