
नईदुनिया न्यूज,रामानुजनगर: तहसील कार्यालय में एक बार पुनः किसानों की भीड़ उमड़ रही है।धान विक्रय हेतु शासन द्वारा कराए गए त्रुटि पूर्ण गिरदावरी के कारण किसान परेशान हैं और त्रुटियों को सुधरवाने तहसील कार्यालय में किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
दरअसल जिला प्रशासन के गलत नीतियों के कारण हर साल गिरदावरी रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सामने आती रही है जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बार बार गड़बड़ी होने के कारणों पर प्रशासन काम ही नहीं करना चाहता।
अदक्ष कर्मियों से एंट्री:
नान टेक्निकल लोगों को गिरदावरी के कार्य में लगाया जाता है जो आनलाईन करते समय हर बार कुछ न कुछ गड़बड़ कर देते हैं। इसके बाद किसानों की परेशानी बढ़ जाती है।
गिरदावरी रिपोर्ट का सत्यापन करने वाले पटवारी भी आंख मूंदकर सत्यापन कर देते हैं। तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे अनेक किसानों ने बताया कि किसी का पूरा रकबा काट दिया गया तो किसी का दो प्लाट जहां धान का फसल लगे होने के बावजूद काट दिया गया।
ऐसे सैंकड़ों किसान तहसील कार्यालय का चक्कर लगाने मजबूर हैं। तहसील कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश में खुद को टापर साबित करने के चक्कर में जल्दबाजी कराया जाता है इस कारण काम करने वालों से हड़बड़ी में गड़बड़ी हो जाती है।
इसके बाद तहसील कार्यालय की परेशानी बढ़ जाती है। बताया जा रहा है कि रकबा सुधार का पोर्टल फिलहाल बंद होने के कारण गड़बड़ हुए रकबों का सुधार कार्य नहीं हो पा रहा है, कार्यालय में अभी किसानों से आवेदन लेकर रख ले रहे हैं जब पोर्टल खुलेगा तब रकबा तथा गिरदावरी रिपोर्ट में सुधार कार्य हो पाएगा।
तहसील कार्यालय में उपस्थित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गिरदावरी रिपोर्ट में आनलाइन सुधार किए जाने हेतु तत्काल पोर्टल खोल दिया जाए जिससे किसानों की परेशानी दूर हो सके।हर साल इस तरह की परेशानी से किसानों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है।