
नईदुनिया न्यूज, बिश्रामपुर: एसईसीएल बिश्रामपुर के कोयला खदान क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी का विरोध करना सुरक्षा कर्मियों को भारी पड़ गया। रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात लकड़ी काटने से रोकने पर तस्करों के एक गिरोह ने सुरक्षा कर्मियों पर हमला कर दिया। करीब 20 से 30 हथियार से लैस लोगों के इस गिरोह ने दो सुरक्षा कर्मियों को बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया और एक कर्मी की पल्सर मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया।
बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। यही नहीं, मौके पर पहुंचे त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के जवानों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस के पहुंचने पर हमलावर भाग निकले। कोयला खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली इस घटना ने एसईसीएल प्रबंधन के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना 25 अक्टूबर की देर रात की है। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के एक्सकेवेशन वर्कशाप के बगल में ड्यूटी पर तैनात टीएसआर जवानों को पेड़ काटने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर करीब 20 से 30 लोग यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई करते मिले। जवानों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो गिरोह के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण जवानों ने अपने इंचार्ज को सूचना देकर अतिरिक्त बल बुलाया। बैकअप के रूप में चार जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक विवाद मारपीट में बदल चुका था। इसी दौरान कंपनी की पेट्रोलिंग पार्टी में तैनात सुरक्षा कर्मी मुन्नालाल और जेवियर मोटरसाइकिल से घटनास्थल की ओर जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में लकड़ी तस्करों ने चारपहिया वाहन से उनका पीछा किया।
जान बचाने के लिए दोनों जवान गांगीकोट गांव की ओर जाने लगे, लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा। एक्सकेवेशन वर्कशाप से करीब दो किलोमीटर आगे दोनों को पकड़ लिया और बेरहमी से मारपीट की। हमले में दोनों सुरक्षा कर्मियों को गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए एसईसीएल के केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
मारपीट के दौरान आरोपितों ने सुरक्षा कर्मी जेवियर की पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 29 एडी 4390 में आग लगा दी। देखते ही देखते मोटरसाइकिल जलकर राख हो गई। इस बीच टीएसआर जवानों और उनके चालक ने घटना की सूचना सुरक्षा प्रभारी को दी। सुरक्षा प्रभारी ने तत्काल डायल 112 को फोन कर पुलिस सहायता मांगी।
पुलिस टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो टीएसआर जवानों ने बताया कि हमलावर पेट्रोलिंग पार्टी के दोनों कर्मियों का पीछा करते हुए आगे की ओर गए हैं। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस वाहन के सायरन की आवाज सुनकर हमलावर दोनों घायल जवानों को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने घायल कर्मियों को अस्पताल पहुंचाया।
एसईसीएल बिश्रामपुर के कोयला खदान क्षेत्र में पिछले कई महीनों से यूकेलिप्टस के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा घटना में लकड़ी चोरी रोकने पहुंचे सुरक्षा कर्मियों पर ही हमला होने और मोटरसाइकिल जलाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती और गंभीर हो गई है। घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी एसएस रात्रे ने बिश्रामपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में करीब 20 से 30 अज्ञात लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
सुरक्षा प्रभारी पवन शर्मा की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की पतासाजी तेज कर दी गयी है। विकास देशमुख टीआई थाना बिश्रामपुर
छत्तीसगढ़ में अवैध लकड़ी तस्करी पर शिकंजा कसने गए सुरक्षाकर्मियों और वन विभाग के गश्ती दलों पर तस्करों और वन माफिया के दुस्साहसिक हमलों के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। सूरजपुर जिले के एसईसीएल बिश्रामपुर खदान क्षेत्र में जहां तस्करों ने सुरक्षाकर्मियों को पीटकर मोटरसाइकिल फूंक दी, वहीं बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र में मूल्यवान सागौन पेड़ों की कटाई रोक रहे वनकर्मियों पर माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। दोनों ही घटनाओं में पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।