
नईदुनिया न्यूज, बिश्रामपुर। नगर से लगे सरस्वतीपुर-रामनगर-सूरजपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। वर्षों से मरम्मत की मांग और लगातार शिकायतों के बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क के गड्ढों में धान का रोपा लगाकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उपसरपंच गोवर्धन केवट के नेतृत्व में किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क अब सड़क कम और गड्ढों का जाल अधिक बन चुकी है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। क्षेत्र से गुजरने वाले भारी ट्रक और ट्रेलरों के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने और जिम्मेदार अधिकारियों को "नींद से जगाने" के लिए सड़क पर धान का रोपा लगाया गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पूर्व जिला महामंत्री दुर्गा गुप्ता को मौके पर बुलाकर सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने भी सड़क पर रोपा लगाकर विरोध में भागीदारी निभाई। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही सड़क को और नुकसान पहुंचाने वाले भारी वाहनों के आवागमन पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई जाएगी।
इस अनोखे प्रदर्शन में उपसरपंच गोवर्धन केवट (सरस्वतीपुर), सरपंच सुमित्रा देवी (रूनियाडीह), जवाहर सिंह, चंद्रभान, सूरज सिंह, हीरालाल, देवकरण, निर्मल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।