साइबर ठगों के हौसले बुलंद: कलेक्टरों के बाद अब, सरगुजा SSP की बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजेश अग्रवाल की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर साइबर ठगों द्वारा लोगों से ठगी की कोशिश करने का मामला प्रकाश में आया है।
Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 02:18:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 02:20:30 PM (IST)
HighLights
- सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल की फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर ठगी की कोशिश
- साइबर सेल ने शुरू की जांच फेक आइडी से लोगों को भेजी जा रहीं फ्रेंड रिक्वेस्ट, चैट में मांगा जा रहा मोबाइल नंबर
- एसएसपी की फर्जी फेसबुक आईडी से आएं मैसेज तो बिल्कुल न दें नंबर; पुलिस की बड़ी चेतावनी
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : साइबर ठगों ने सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल की फर्जी फेसबुक आइडी बना ली है। इस फेक आइडी से कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और चैट के जरिए मोबाइल नंबर मांगे जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने खुद इसकी शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है और मेटा कंपनी को भी सूचना दी गई है।
जानकारी के अनुसार ठगों ने राजेश अग्रवाल की फोटो का इस्तेमाल कर हिंदी में नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार की है। आइडी में एक बैठक की तस्वीर भी अपलोड की गई है, जिसमें एसएसपी राजेश अग्रवाल एडिशनल एसपी अमोलक सिंह और सीएसपी राहुल बंसल के साथ दिख रहे हैं। फर्जी आइडी से अब तक 72 लोगों को फ्रेंड लिस्ट में जोड़ा जा चुका है।
चैट में नंबर मांगने पर हुआ शक
कुछ लोगों ने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की तो उनसे चैट में मोबाइल नंबर पूछा जाने लगा। इस पर संदेह होने पर लोगों ने इसकी सूचना सीधे एसएसपी राजेश अग्रवाल को दी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह आइडी फर्जी है और उनकी असली फेसबुक प्रोफाइल अलग है, जहां 4800 फॉलोअर्स हैं। वे इंटरनेट मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने यह हरकत की।
एसएसपी बोले - सतर्क रहें लोग
एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा, फर्जी आइडी की शिकायत दर्ज करा दी गई है। साइबर सेल जांच कर रही है। मेटा को भी रिपोर्ट किया जा रहा है। आम लोगों से अपील है कि किसी भी अनजान आइडी से आए मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट पर भरोसा न करें। संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
कलेक्टरों के नाम से भी बन चुका फर्जी व्हाटसप एकाउंट
सरगुजा में यह पहला मामला नहीं है। 2024 में साइबर ठगों ने तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया था। कलेक्टर ने खुद लोगों से सतर्क रहने की अपील की थी, जिसके बाद कंपनी ने अकाउंट ब्लॉक किया। इसी तरह बलरामपुर कलेक्टर रिमिजियुस एक्का के नाम पर भी विदेशी नंबरों से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर कर्मचारियों और आम लोगों से पैसे की मांग की गई थी। पुलिस ने कहा है कि साइबर ठग अब अफसरों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी अधिकारी के नाम से आए मैसेज, कॉल या फ्रेंड रिक्वेस्ट को पहले सत्यापित करना जरूरी है।