
नईदुनिया प्रतिनिधि, सरगुजा : सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पोकसरी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के नाम पर कथित तौर पर फर्जी ऋण निकालने का मामला सामने आया है। पवन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
महिलाओं का आरोप है कि उनकी सहमति और हस्ताक्षर के बिना ग्रामीण बैंक की सेदम शाखा से डेढ़ लाख रुपये का ऋण निकाला गया। अब ऋण की वसूली के कारण उनके खातों में आने वाली महतारी वंदन योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं की राशि से भी कटौती हो रही है।
कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, समूह की अध्यक्ष अमिला, सचिव अलमा और अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ऋण खाता क्रमांक 77100051664 से डेढ़ लाख रुपये निकाले गए, जबकि उन्होंने ऋण के लिए हस्ताक्षर नहीं किए थे। शिकायत में ग्राम पोकसरी निवासी भुनेश्वरी सिदार और ग्रामीण बैंक की सेदम शाखा के तत्कालीन प्रबंधक पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। महिलाओं का दावा है कि ऋण निकालने की जानकारी मिलने पर पूछताछ की गई, तब पैसा वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक राशि नहीं लौटाई गई।
योजनाओं की राशि कटने से बढ़ी परेशानी
महिलाओं के अनुसार, ऋण की वसूली के चलते उनके खातों में आने वाली महतारी वंदन और अन्य शासकीय योजनाओं की राशि से कटौती हो रही है। इससे परिवार की जरूरतों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि जब उन्होंने ऋण लिया ही नहीं, तो उसकी भरपाई का बोझ उन पर क्यों डाला जा रहा है?
शिकायत में बताया गया है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक का स्थानांतरण हो चुका है। वर्तमान प्रबंधक से संपर्क करने पर भी समाधान नहीं मिल रहा है। वहीं, डीपीएम सुभाष मिश्रा की ओर से संबंधित महिला को निलंबित करने और वसूली की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। महिलाओं ने कलेक्टर से ऋण संबंधी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की निष्पक्ष जांच कराने, खातों से हो रही कटौती के मामले में राहत दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।