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हाय रे सरगुजा गीत पर जर्जर सड़क पर नाचे सामाजिक कार्यकर्ता, शासन-प्रशासन पर खड़े किए सवाल

अंबिकापुर के एमजी रोड पर जर्जर सड़कों और गड्ढों से परेशान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कीचड़ भरे पानी के बीच लोक...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 09:13:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 09:13:45 PM (IST)
हाय रे सरगुजा गीत पर जर्जर सड़क पर नाचे सामाजिक कार्यकर्ता, शासन-प्रशासन पर खड़े किए सवाल
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर गढ्ढे से बनी डबरी में नृत्य करते हैं सामाजिक कार्यकर्ता:नईदुनिया

HighLights

  1. अंबिकापुर के एमजी रोड पर गड्ढों में उतरे सामाजिक कार्यकर्ता।
  2. शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत की मांग।
  3. सामाजिक कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा।

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर: शहर से गुजरी खस्ताहाल राष्ट्रीय राजमार्ग व लोक निर्माण, नगर निगम सड़कों को लेकर अब विरोध का अंदाज भी बदलने लगा है। रविवार शाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मनेंद्रगढ़ मार्ग स्थित एमजी रोड पर सड़क के गड्ढों और उनमें भरे कीचड़युक्त पानी के बीच उतरकर सरगुजिहा लोकगीत ‘हाय रे सरगुजा नाचे, का

अलथी-कलथी मादर बाजे" की धुन पर नृत्य कर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन ने राहगीरों का ध्यान खींचा और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े किए।एमजी रोड पर हीरो शोरूम के सामने सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं।


बारिश के बाद इन गड्ढों में कीचड़युक्त पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसी सड़क पर उतरकर लोकगीत की धुन पर नृत्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बहादुर सिंह, सुजान बिंद, अंकुर सिन्हा, संजय ठाकुर, अजय सिंह, मनीष टोप्पो, अंजलि चौहान और अनीता साहनी सक्रिय रहे।

स्टेशन से शहर तक पहुंचने में छूट रहे हैं पसीने

प्रदर्शनकारी सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बहादुर सिंह सुजान बिंद, अंकुर सिन्हा का कहना है कि अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से एमजी रोड के रास्ते शहर में प्रवेश करने वाले लोगों का स्वागत इन दिनों गड्ढों और कीचड़ से हो रहा है। शहर में आने वाले लोगों को हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ना पड़ता है। सावन पर्व सहित विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में शामिल होने शहर के बड़े होटलों तक पहुंचने वाले मेहमानों को भी इसी बदहाल सड़क से गुजरना पड़ता है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहर की कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं। बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है। सड़क के गड्ढों में पानी भरने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।

एनएच, पीडब्ल्यूडी और निगम की सड़कों पर उठाए सवाल

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंबिकापुर शहर और आसपास की सड़कों की स्थिति को लेकर संबंधित विभागों को तत्काल पहल करनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से भारत सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम का ध्यान सड़कों की बदहाली की ओर आकर्षित कराया गया।खस्ताहाल राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता लगातार अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार का प्रदर्शन भी इसी कड़ी का हिस्सा रहा।

जाने क्यों किया नाचकर प्रदर्शन

सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर नाचकर प्रदर्शन करने के पीछे भी एक संदेश है। उन्होंने कहा कि इन दिनों पूरी सरकार नृत्य में मगन है। सरगुजा में मंत्री नृत्य कर रहे हैं और सरगुजा की जनता खस्ताहाल सड़कों पर चलने और गिरने को मजबूर है। उनके नृत्य के विरोध में हमने भी खस्ताहाल सड़क पर नृत्य कर उन्हें आईना दिखाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य किसी व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार विभागों और शासन-प्रशासन का ध्यान जनता की परेशानी की ओर आकर्षित करना है।