
0 रिपोर्ट देखने के बाद सीएमएचओ ने कहा- डेंगू नहीं चिकनगुनिया से मौत
0 रामानुजगंज में शुरू हुई विशेष साफ-सफाई, लोगों को किया जा रहा जागरूक
0 भिलाई में पढ़ने वाले तीन विद्यार्थी लौटे डेंगू से पीड़ित होकर
अंबिकापुर/रामानुजगंज । नईदुनिया प्रतिनिधि
बलरामपुर जिले की रामानुजगंज नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 5 की मीरा यादव की मौत डेंगू से नहीं चिकनगुनिया से हुई थी। इसकी पुष्टि बलरामपुर के सीएमएचओ ने की है। नईदुनिया में शुक्रवार को खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग व नपं द्वारा डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए युद्घस्तर पर साफ-सफाई व शिविर लगाकर जांच करा रही है। रामानुजगंज में चिकनगुनिया पीड़िता की मौत से स्पष्ट है कि वहां एडिज मच्छरों की मौजूदगी है, क्योंकि मृतका नियमित रूप से रामानुजगंज में ही निवासरत थी। इधर भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहे एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के तीन विद्यार्थी भी डेंगू से पीड़ित मिले। परिजनों द्वारा स्थानीय स्तर पर कराए गए दोबारा जांच में डेंगू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। नगर के सभी निजी पैथोलैब को निर्देशित किया गया है कि यदि डेंगू अथवा चिकनगुनिया का कोई भी प्रकरण सामने आता है तो तत्काल इसकी सूचना उपलब्ध कराए।
सरगुजा संभाग में डेंगू से दो लोगों की मौत और पांच नए मरीजों के सामने आने के बाद सरगुजा, सूरजपुर व बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। रामानुजगंज की महिला की रांची में मौत से संबंधित खबर शुक्रवार को नईदुनिया में प्रकाशित किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग व नगर पंचायत प्रशासन डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के प्रयास में जुट गया है। बलरामपुर सीमएचओ डॉ. सीडी बखला, बीएमओ डॉ. कामिनी राय, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 5 की मृतका मीरा यादव पति दिलीप यादव के घर पहुंची। घर में उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर सीएमएचओ ने बताया कि महिला की मौत डेंगू से नहीं, बल्कि चिकनगुनिया से हुई थी। दोनों बीमारी एडिज मच्छर के काटने से ही होती हैं। मृतका के घर व आसपास जगह-जगह पानी जमा मिला। मच्छर के लार्वा भी पाए गए। किचन सहित अन्य कमरों में गंदगी पसरी थी। सीएमएचओ द्वारा तत्काल डीडीटी का छिड़काव करा गंदगी वाले जगहों की साफ-सफाई कराई। पास-पड़ोसियों के घरों का भी निरीक्षण कर बीमारी से बचाव की जानकारी देने के साथ ही स्वच्छता पर खास ध्यान रखने की समझाइश दी।
शिविर लगाकर शुरू हुई जांच
रामानुजगंज में महिला के चिकनगुनिया से मौत के बाद स्वास्थ्य अमले ने शिविर लगा जांच शुरू की एवं मृतका के घर के अगल-बगल रहने वाले लोगों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया। डेंगू अथवा चिकनगुनिया का कोई भी संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। सीएमएचओ ने चौपाल लगा डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
नगर पंचायत ने भी शुरू किया अभियान
नगर पंचायत रामानुजगंज द्वारा डेंगू के रोकथाम व नियंत्रण हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार, पंपलेट वितरण शुरू कराया गया है। लार्वा हिट तथा डीडीटी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। नपं अध्यक्ष रमन अग्रवाल के निर्देशन में स्वच्छता की टीम लगी हुई है। रामानुजगंज के एक बैंक में सेवारत अधिकारी के एक वर्षीय पुत्र के भी डेंगू से पीड़ित होने के बाद साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडिज मच्छर रूके हुए साफ पानी में पनपता है, इसलिए घर व आसपास पानी का जमाव न हो, इसका ध्यान रखने की जरूरत है। कूलर, पानी की टंकी, बाहर रखे हुए बर्तन व टायर आदि में भी जमा पानी कई दिनों तक नहंी छोड़ना चाहिए।
रामानुजगंज में घर-घर होगा सर्वे
बीएमओ डॉ.कामिनी राय ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी नगर पंचायत के सभी वार्डों के एक-एक घर जाकर सर्वे कर बीमारी का पता लगाएंगे। लोगों को जागरूक करने का भी कार्य किया जाएगा ताकि लोग डेंगू अथवा चिकनगुनिया जैसी बीमारी की चपेट में न आएं। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। उन्होंने बताया कि रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू की जांच के लिए 200 किट उपलब्ध कराए गए हैं। डेंगू जांच की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही है।
भिलाई से आए तीन डेंगू पीड़ित-
एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के तीन विद्यार्थी भिलाई में अध्ययनरत थे। भिलाई में डेंगू से कई मौतें हो चुकी हैं। इन तीन विद्यार्थियों में भी डेंगू के लक्षण पाए गए थे। परिजनों द्वारा तीनों विद्यार्थियों को अंबिकापुर बुला यहां के एक निजी जांच सेंटर में पुनः रैपिड टेस्ट कराया तो डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें से एक विद्यार्थी को मेडिकल कालेज अस्पताल में दाखिल कराया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच व उपचार से तीनों बच्चों का स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य है। प्रकाश हास्पीटल के संचालक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि डेंगू के तीनों प्रकरण माइग्रेशन से जुड़े हैं। यहां का कोई भी डेंगू का केस सामने नहीं आया है।
निजी जांच सेंटरों से मांगी जाएगी जानकारी
सरगुजा संभाग में डेंगू की दस्तक के बावजूद होलीक्रास हास्पीटल व जीवन ज्योति अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही स्वास्थ्य विभाग को हर रोज रिपोर्टिंग की जा रही है। शेष अस्पतालों अथवा निजी जांच सेंटरों की ओर से स्वास्थ्य विभाग को किसी प्रकार की कोई रिपोर्टिंग नहीं किए जाने से स्थिति भी स्पष्ट नहंी हो पा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनिल प्रसाद ने बताया कि होलीक्रास हास्पीटल से 6 अगस्त से 12 अगस्त के बीच की रिपोर्ट आई थी, जिसमें डेंगू से एक किशोरी की मौत व पांच के पीड़ित होने का उल्लेख था। जीवन ज्योति अस्पताल की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में अभी तक डेंगू का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि शहर के निजी पैथोलैब व अस्पतालों को भी लिखित में आदेशित किया जा रहा है कि वे डेंगू पीड़ित सामने आने पर तत्काल उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।
संदेह पर जांच, जेब हो रही ढीली
एडिज मच्छर के काटने से डेंगू व चिकनगुनिया से लोग पीड़ित होते हैं। संभाग में इसकी दस्तक के बाद जन सामान्य साधारण मौसमी बीमारियों पर भी चिकित्सकों के पास पहुंच न सिर्फ संदेह जता रहा है, बल्कि डेंगू की जांच के लिए अनुरोध भी कर रहा है। इससे लोगों की जेब भी ढीली हो रही है। एक हजार से डेढ़ हजार रुपये तक इसकी जांच के नाम पर लिया जा रहा है। चिकित्सकों ने कहा है कि सरगुजा में स्थाई रूप से रह रहे किसी भी व्यक्ति के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन चिकित्सकीय जांच व परामर्श जरूरी है।
रामानुजगंज की महिला की मौत चिकनगुनिया से हुई है। जानकारी मिलते ही मृतका के घर की सफाई करा दी गई है। आसपास रहने वाले लोगों की भी जांच कराई गई, लेकिन डेंगू पीड़ित कोई भी नहीं पाया गया है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
डॉ. सीडी बखला
सीएमएचओ, रामानुजगंज
सरगुजा के किसी भी व्यक्ति के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि नहीं हुई है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। भटगांव क्षेत्र के तीन विद्यार्थी जो भिलाई में पढ़ते थे, वहां उनके डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। परिजनों द्वारा यहां लाने पर एक बार पुनः रैपिड टेस्ट में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। तीनों विद्यार्थी पूरी तरह से सामान्य हैं। आमजन से अपील है कि थोड़ी सावधानी बरतें। डरने की किसी प्रकार की कोई जरूरत नहीं है। तीनों प्रकरण माइगे्रशन से जुड़ा है।
डॉ. मुकेश अग्रवाल
संचालक, प्रकाश हास्पीटल
नगर पंचायत रामानुजगंज क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू कराया गया है। लार्वा हिट व डीडीटी का लगातार छिड़काव किया जा रहा है। डेंगू के रोकथाम व नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
रमन अग्रवाल
अध्यक्ष, नपं रामानुजगंज
होलीक्रास व जीवन ज्योति हास्पीटल से रिपोर्टिंग की जा रही है। जीवन ज्योति अस्पताल में डेंगू का एक भी केस नहीं आया है। होलीक्रास अस्पताल से प्राप्त रिपोर्टिंग में छह का नाम आया था। विभाग की ओर से निजी स्वास्थ्य जांच सेंटरों व अस्पतालों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि हर रोज की रिपोर्टिंग विभाग को उपलब्ध कराएं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
डॉ. अनिल प्रसाद
जिला मलेरिया अधिकारी, सरगुजा