बिलासपुर(निप्र)। रेल मंत्रालय ने सभी रेलवे जोनों को पेपरलेस स्कीम अपनाने के लिए कहा है। वहीं, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इस योजना को मुंह चिढ़ा रहा है। यहां ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद भी ड्राइवर व गार्ड से टी-34 टिकट कागजों पर मेन्युअल भरवाया जा रहा है। इसकी वजह से रोजाना 50 हजार पन्ने बर्बाद हो रहे हैं। खास बात यह है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने बाद किसी भी विभाग को इनकी जरूरत नहीं है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे(एसईसीआर) जोन में रोजाना हजारों पन्ने सिर्फ टी-34 फार्म के कारण बर्बाद हो रहे हैं। इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ रहा है। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि रेल मंत्रालय पेपरलेस स्कीम को अपनाने पर जोर दे रहा है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण ड्राइवर-गार्ड और कर्मचारियों पर बेवजह काम का बोझ बढ़ रहा है। रेलवे के उच्च अधिकारी स्वयं मानते है कि 90 प्रतिशत काम क्रिश पोर्टल पर संभव है। बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रोजाना चार सौ ट्रेनों के लगभग 1200 सौ से अधिक गार्ड-ड्राइवर टी-34 का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा इसे सहेजने कई कर्मचारी लगे रहते हैं। जबकि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी विभाग को इनकी जरूरत नहीं है।

क्या है टी-34 टिकट

टी-34 टिकट में परिचालन की पूरी जानकारी मिलती है। इससे ड्राइवर-गार्ड के कार्यों का लेखा-जोखा और वेतन का निर्धारण होता है। ड्यूटी ज्वाइन करते ही रेलवे द्वारा ड्राइवरों को टी-34 दिया जाता है। यह चार बड़े आकार के पन्ने होते हैं। ड्राइवर इसे गार्ड को सौंपता है। गार्ड इसमें प्रारंभिक स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक की प्रत्येक जानकारी दर्ज करता है। इसी तरह वापसी के बाद गार्ड इसकी एक कॉपी अपने पास, दूसरा ड्राइवर, तीसरा ऑफिस और चौथा पर्सनल डिपार्टमेंट में जमा करता है। वर्तमान में ड्यूटी प्रारंभ करते ही सीएमएस क्रिश ऑनलाइन काम करता है। ऐसे में टी-34 का कोई औचित्य नहीं है।

रेलवे के बहाने

रेलवे के बड़े अधिकारियों का कहना है कि टी-34 को अभी बंद करना सही नहीं होगा। उनका तर्क है कि कई बार लिंक फेल की समस्या हो जाती है। ऐसे में पन्नों पर जानकारी दर्ज करना ही विकल्प है। वहीं अन्य जोन में ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद इसे बंद कर दिया गया है।

तीनों डिवीजन में होगा बंद

जोन के बिलासपुर, रायपुर और नागपुर डिवीजन में एक साथ टी-34 को बंद किया जाएगा। इस बारे मे रेल अधिकारियों से पूछने पर उन्होंने गेंद क्रिश टेक्नोलॉजी के पाले में डाल दिया। उनका कहना था कि यहां व्यवस्था को बंद करने की पूरी तैयारी है। जैसे ही इस बारे में दिल्ली से कोई आदेश आएगा, इसे तत्काल बंद कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने भी माना कि वर्तमान में इसकी जरूरत नहीं के बराबर है। वेतन से लेकर सारी जानकारी ऑनलाइन तैयार की जा रही है।

पर्यावरण संतुलन के लिए कागजों की बर्बादी रोकनी जरूरी है। टी-34 को बंद करने में कुछ तकनीकी परेशानी है। क्रिश से जैसे ही आदेश आएगा, इस बंद कर दिया जाएगा।

राजेंद्र अग्रवाल

सीपीआरओ, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close