
नई दिल्ली। ईडब्ल्यूएस घोटाले में शनिवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने राहिणी स्थित दो स्कूलों पर छापा मारा है। शुक्रवार को फर्जी एडमिशन घोटाले की मास्टरमाइंड पुनीता द्वारा बेटी की गिरफ्तारी पुलिस के सामने सरेंडर किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पुनीता को गरीब छात्रों के कोटे में फर्जी एडमिशन करवाने वाली गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इससे पहले पुनीता की बेटी काजल को पुलिस ने घोटाले में संलिप्त होने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया था। बाद में पुनीता ने राहिणी कोर्ट नं. 115 में समर्पण कर दिया। गिरफ्तारी के बाद पुनीत ने पुलिस और मीडिया से कहा था कि वो इस पूरे मामले में छोटी मछली है, इस घोटाले में कई बड़े नाम शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार को टीम पुनीता को लेकर रोहिणी पहुंची और यहां दो स्कूलों पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार दोनों मां-बेटी इस गोरखधंधे को चला रही थी जिसमें गरीब बच्चों का हक मारकर 3-7 लाख रुपये में अमीरों के बच्चों का बड़े स्कूलों में एडमिशन करवाया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस तरह कई स्कूलों में 300 से ज्यादा एडमिशन करवाए जा चुके हैं।
अब तक प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिले में गड़बड़ी को लेकर नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कुल मिलाकर इसमें तीन मॉल्डयूल हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले में नौ-दस मॉड्यूल हो सकते हैं। ऐसे में और गिरफ्तारियां होनी तय हैं। वहीं, पुलिस यह भी मान रही है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी बिना स्कूल प्रबंधन में शामिल किसी शख्स की मिलीभगत के नहीं हो सकती है। ऐसे में वह बारीकी से जांच कर रही है।