
नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह जेएनयू में हिंसा से आहत है और पुलिस को जल्द हिंसा पर काबू पाकर शांति बहाल करवाना चाहिए। यदि यूनिर्वसिटी में छात्र सुरक्षित नहीं होंगे तो देश तरक्की कैसे करेगा। उन्होंने ट्वीट किया कि उन्होंने माननीय उपराज्यपाल से निवेदन किया है कि वह पुलिस को जरूरी कदम उठाने के लिए आदेश दें। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गर्वनर अनिल बैजल ने कहा कि जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों के बीच बवाल निंदनीय है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस को जेएनयू प्रशासन से समन्यव स्थापित करने, कैपस में शांति स्थापित करने और हिंसा फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सभी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इस बीच स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव भी जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहुंचे हैंं। जेएनयू में बवाल को लेकर छात्रों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया है। एम्स ने कहा कि उसके ट्रोमा सेंटर में जेएनयू से 18 लोग लाए गए हैं, जिन्होंने सिर में खून बहने की शिकायत की है। इस मामले में जांच चल रही है।
भारतीय जनता पार्टी ने जेएनयू में हिंसा की निंदा की है और कहा है कि यह अराजक तत्वों के द्वारा हताशा में उठाया गया कदम है, जो छात्रों के जरिए अराजकता फैलाकर अपने सिमटते सियासी दायरे को विस्तार देना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी को सीखने और शिक्षा का केंद्र बना रहना चाहिए।
Bharatiya Janata Party:Strongly condemn violence on JNU campus.This is desperate attempt by forces of anarchy,who are determined to use students as cannon fodder,create unrest to shore up their shrinking political footprint. Universities should remain places of learning&education pic.twitter.com/s1q480Cpjw
— ANI (@ANI) January 5, 2020
केंद्रीय संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जेएनयू में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जेएनयू परिसर में हिंसा की निंदा करता हूं। मैं छात्रों से अपील करता हूं कि वह विश्वविद्यालय की मर्यादा और कैंपस में शांति को बनाए रखें।
Union Minister of Human Resource Development, Dr Ramesh Pokhriyal Nishank: The violence in #JNU is extremely worrying and unfortunate. I condemn the violence within the campus. I appeal to all students to maintain the dignity of the University and peace on campus. pic.twitter.com/dQoqOFeO6o
— ANI (@ANI) January 5, 2020
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देहली पुलिस कमीश्नर अमूल्य पटनायक से कहा है कि जेएनयू में हुए बवाल की जाइंट सीपी रेंक के ऑफिसर से जांच करवाकर रिपोर्ट सौंपे।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा जेएनयू की घटना में घायल छात्रों को देखने के लिए एम्स पहुंची है।
Delhi: Congress leader Priyanka Gandhi Vadra arrives at AIIMS Trauma Centre where 18 people from Jawaharlal Nehru University (#JNU) have been admitted following violence at university pic.twitter.com/Kw8t7gFyxU
— ANI (@ANI) January 5, 2020
MHA Sources: Union Home Minister Amit Shah has spoken to Delhi Police Commissioner Amulya Patnaik to take stock of situation in Jawaharlal Nehru University; Joint CP rank official to investigate and submit a report. (file pic) pic.twitter.com/MiGgmP09DB
— ANI (@ANI) January 5, 2020
Chief Minister of Delhi, Arvind Kejriwal: Spoke to Hon’ble Lieutenant Governor and urged him to direct police to restore order. He has assured that he is closely monitoring the situation and taking all necessary steps. #JNU https://t.co/ZfjS2x621Z pic.twitter.com/cqlU5fpJeG
— ANI (@ANI) January 5, 2020
इससे पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प का मामला सामने आया। दोनों संगठनों ने एक दूसरे पर रविवार को लाठी से मारपीट करने और पत्थर फेंकने का आरोप लगाया ।
Anil Baijal,Lieutenant Governor of Delhi: The violence in JNU against students and teachers is highly condemnable. Directed Delhi Police to take all possible steps in coordination with JNU Administration to maintain law and order&take action against the perpetrators of violence. pic.twitter.com/QYTdWXV9IZ
— ANI (@ANI) January 5, 2020
दोनों ने एक दूसरे पर हिसंक गतिविधि में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया। दोनों ही गुटों की ओर से बताया गया कि रविवार को हुए इस घटनाक्रम में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कुछ छात्र घायल हुए हैं। कुछ छात्रों को एम्स और सफदरजंग अस्पताल भी ले जाया गया है।
#WATCH Swaraj Party leader Yogendra Yadav manhandled outside Jawaharlal Nehru University in Delhi. #JNU pic.twitter.com/L9kB9W1IoR
— ANI (@ANI) January 5, 2020
जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे ऊपर एबीवीपी (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके सिर में गंभीर चोट आई हैं और खून निकला है। उनके साथ मौजूद छात्रों ने बताया कि उनको नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया।
AIIMS Trauma Centre official: 18 people from Jawaharlal Nehru University (#JNU) have come to AIIMS Trauma Centre with complaints of bleeding in head, abrasions among others. Investigations are underway #Delhi https://t.co/FJQtQuQ1eo pic.twitter.com/BMhz09lXpl
— ANI (@ANI) January 5, 2020
वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप है कि इस घटना में छात्र संघ के महासचिव सतीश चंद्र यादव को भी चोट आई है। आरोप है कि कई छात्र छात्रावास की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ कैंपस में प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन एबीवीपी ने उन पर हमला कर दिया और पत्थर फेंके।
AIIMS Trauma Centre official: 18 people from Jawaharlal Nehru University (#JNU) have come to AIIMS Trauma Centre with complaints of bleeding in head, abrasions among others. Investigations are underway #Delhi https://t.co/FJQtQuQ1eo pic.twitter.com/BMhz09lXpl
— ANI (@ANI) January 5, 2020
Delhi: Heavy police presence at the main gate of Jawaharlal Nehru University, following violence in the campus. https://t.co/RHjQxI3OKQ pic.twitter.com/cmrPLG5pT9
— ANI (@ANI) January 5, 2020
वहीं एबीवीपी के जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने वामपंथी छात्र संगठनों और छात्र संघ पर आरोप लगाते हुए कहा कि रविवार के दिन मॉनसून सेमेस्टर के लिए उन छात्रों का पंजीकरण का आखिरी दिन था, जो दिसंबर महीने में परीक्षा से वंचित रह गए थे। इसके साथ ही जनवरी से शुरू होने वाले विंटर सेमेस्टर के लिए भी 5 जनवरी तक छात्रों को पंजीकरण कराने की तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन दो - तीन दिनों से वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कई छात्रों ने पंजीकरण की प्रक्रिया को बाधित किया।
पंजीकरण जिस संचार व सूचना सेवा कार्यालय में हो रहा था, उसकी इंटरनेट सेवा शनिवार रात को वामपंथी छात्र संगठनों के द्वारा ठप कर दी गई।इसकी वजह से रविवार को पंजीकरण करने अंतिम दिन कोई पंजीकरण नहीं हो सका।
इसलिए रविवार को 3 बजे एबीवीपी से जुड़े छात्र प्रशासनिक भवन के पास स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर इकट्ठा हुए और कोशिश की की पंजीकरण की व्यवस्था को शुरू किया जा सके लेकिन इसके तुरंत बाद वामपंथी छात्र संगठन एक जुट हुए और हमला शुरू कर दिया।
दुर्गेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि एबीवीपी से जुड़े सभी कार्यकर्ता पेरियार छात्रवास की तरफ स्वयं को सुरक्षित करने के पहुंचे लेकिन यहां पर लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने एबीवीपी के छात्रों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा और इन कार्यकर्ता पर लेफ्ट ने पथराव भी किया।
दुर्गेश ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस घटना में उनके संगठन से जुड़े कई छात्र घायल हुए हैं। जिन्हें एम्स ट्रामा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और पुरूष सुरक्षा कर्मियों के साथ भी लेफ्ट के छात्रों ने मारपीट की है।