
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के बागी गुट के नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पार्टी के दो नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। भूषण ने कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने एक बेनामी कंपनी से दो करोड़ रुपये का चंदा लिया था। जबकि वर्ष 2011 में पूर्व खोजी पत्रकार व दिल्ली डायलॉग आयोग (डीडीसी) के उपाध्यक्ष आशीष खेतान ने एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए खबर लिखी थी और इसके एवज में तीन करोड़ रुपये लिए थे। प्रशांत भूषण ने ये आरोप उस कारण बताओ नोटिस के जवाब में लगाए हैं जो आप की ओर से उन्हें गत 17 अप्रैल को भेजा गया था।
भूषण ने कहा है कि पंकज गुप्ता द्वारा दो करोड़ रुपये का चंदा लेने के मामले में पार्टी के संविधान का हर कदम पर उल्लंघन हुआ। इसके लिए पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से अनुमति नहीं ली गई। इस मामले को तत्कालीन अनुशासन समिति ने पार्टी के आंतरिक लोकपाल को भेजने की सिफारिश की थी लेकिन लोकपाल को ही उनके पद से हटा दिया गया। भूषण ने आशीष खेतान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिसंबर, 2011 में एक खोजी पत्रिका में खेतान ने 2जी घोटाले की आरोपी एक बड़ी कंपनी से तीन करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर उसके पक्ष में एक खबर लिखी थी। इसमें खेतान ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री की राय के आधार पर कंपनी का बचाव किया था।
भड़ास निकाल रहे हैं प्रशांत : आशुतोष
प्रशांत भूषण के आरोपों पर आम आदमी पार्टी (आप) ने सफाई दी है। पार्टी नेता आशुतोष ने कहा है कि निराधार आरोप लगाकर प्रशांत भूषण अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप द्वारा लिए गए चंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पाक साफ माना है। इसलिए प्रशांत भूषण का सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं बनता है।