
अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में सामाजिक उपेक्षा के शिकार ट्रांसजेंडर अब पढ़ने के साथ-साथ पढ़ा भी सकेंगे। ट्रांसजेंडर के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद डीयू ने पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर व शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भरे जाने वाले आवेदन फार्म में लिंग की श्रेणी में ट्रांसजेंडर को भी स्थान दिया है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भी अगले सत्र से आवेदन फार्म में इसकी व्यवस्था शुरू होने की सूचना है।
डीयू ने सकारात्मक कदम उठाते हुए ट्रांसजेंडर को पठन-पाठन के क्षेत्र में स्थान दिया है। हालांकि विश्वविद्यालय ने स्नातक स्तर पर दाखिले के आवेदन फार्म में ऐसा कोई स्थान नहीं रखा था। सूत्रों के अनुसार, डीयू में इस वर्ष पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर लगभग 90 हजार छात्रों ने आवेदन किया, जिसमें नौ ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इन्हें ओबीसी कोटे के तहत दाखिला दिया जाएगा।
डीयू की रजिस्ट्रार अल्का शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आदेश से पूर्व ही हमने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए तथा शिक्षकों की होने वाली नियुक्तियों के लिए जारी आवेदन फार्म में ट्रांसजेंडर का अतिरिक्त कॉलम बना दिया था। ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि डीयू का यह कदम सराहनीय है।