
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है। मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर काम चल रहा है। इसके साथ ही लोगों के मन में सवाल है कि बुलेट ट्रेन को चलाएगा कौन? इसके ड्राइवर का सेलेक्शन कैसे होगा और सैलरी कितनी होगी।
बुलेट ट्रेन का संचालन नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी NHSRCL करेगी। बताया जा रहा है कि ड्राइवरों का सेलेक्शन बहुत सख्त नियमों के साथ होगा। उम्मीदवार को मेडिकल फिटनेस, आंखों की सही रोशनी, तेज रिएक्शन और साइकोमेट्रिक टेस्ट से गुजरना होगा। इसके बाद ही उन्हें ट्रेनिंग के लिए चुना जाएगा।
बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनना आसान नहीं है। इसके लिए सीधे फ्रेशर अप्लाई नहीं कर सकते। उम्मीदवार के पास संबंधित इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ भारतीय रेलवे या सरकारी मेट्रो में ट्रेन चलाने का कम से कम 3 साल का अनुभव भी मांगा जा रहा है। यानी पहले से ट्रेन चलाने वाले अनुभवी लोगों को ही मौका मिलेगा। इन ड्राइवरों को HSR पायलट कहा जाएगा।
बुलेट ट्रेन नॉर्मल ट्रेन से काफी अलग होती है। इसमें नई टेक्नोलॉजी लगी होती है। हाई स्पीड ब्रेकिंग सिस्टम और सेफ्टी के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं। इसलिए चुने गए लोगों को लंबी टेक्निकल ट्रेनिंग और प्रैक्टिस कराई जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही उन्हें बुलेट ट्रेन चलाने की इजाजत मिलेगी। ये जिम्मेदारी नॉर्मल लोको पायलट से ज्यादा टेक्निकल होगी।
बुलेट ट्रेन ड्राइवर की सैलरी को लेकर अभी तक कोई सरकारी जानकारी सामने नहीं आई है। अभी रेलवे में अनुभवी मेल और एक्सप्रेस के लोको पायलट को सभी भत्ते मिलाकर 60 हजार से 90 हजार रुपये तक मिलते हैं। बुलेट ट्रेन के ड्राइवरों को इससे ज्यादा सैलरी मिलने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकी सैलरी 40 हजार से लेकर 1 लाख 25 हजार रुपये तक हो सकती है।