
एजुकेशन डेस्क, दिल्ली। सीजेपी के 10 अक्टूबर यानी आज प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है। अपने पुराने अनुभव से सबक लेते हुए दिल्ली (Delhi Protest) पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एक ओर जहां पुलिस ने एनडीएमसी एरिया की किलेबंदी कर दी है, वहीं राजधानी की हर सीमा पर भी कड़ा पहरा है। दिल्ली आने और दिल्ली से जाने वाली 150 से ज्यादा ट्रेनें रद करने के साथ ही दिल्ली मेट्रो के 45 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ तमाम रास्तों और दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी पहरेदारी है।
इसी बीच दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ कैडर के प्रतिभाशाली अधिकारी के हाथ में दी गई है। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CISF में DIG के रूप में पदस्थ संतोष सिंह अब दिल्ली मेट्रो की लाइनों और लाखों यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।
वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात आईपीएस संतोष सिंह दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) में सीआईएसएफ के डीआईजी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को उनके सुरक्षा प्रबंधन के अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के चलते दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो की लाइनों और लाखों यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व दिया गया है।
बता दें कि प्रतिष्ठित दिल्ली मेट्रो 271 स्टेशनों वाली एक त्वरित परिवहन प्रणाली है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली तथा उससे सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे शहरों को जोड़ती है। हाल ही में 17 सितंबर को दिल्ली मेट्रो ने एक दिन में लगभग 82.45 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया था।
आईपीएस संतोष सिंह छत्तीसगढ़ के नौ जिलों रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव में एसपी/एसएसपी के पद पर कार्य कर चुके हैं। साफ छवि वाले आईपीएस संतोष सिंह अपनी परिपक्व और संवेदनशील पुलिसिंग के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग के नवाचारों के लिए भी जाने जाते हैं।
इसके अलावा वे सुकमा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) तथा दुर्ग में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान तैनाती से पहले वे हैदराबाद में डीआईजी साउथ जोन-2 के रूप में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक के औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ पूर्वी तट के बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।