
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण दिसंबर में रखा गया है। विश्वविद्यालय का पूरा ध्यान इस बार सीट बढ़ाने के साथ पर्याप्त पीएचडी गाइड उपलब्ध कराने पर रहेगा। विभागों से रिक्त सीटों की जानकारी मांगी गई है। 15 अक्टूबर तक विषयवार सीटों की सूची जारी होने की संभावना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन 28 विषयों में नान डीईटी के माध्यम से प्रवेश देगा। इसके लिए नेट परीक्षा का स्कोर कार्ड मान्य होगा, जबकि 13 इंजीनियरिंग विषयों के लिए डाक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) होगा। नवंबर में अभ्यर्थियों से आवेदन लिए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया से पहले गाइडों का पंजीयन कराया जाएगा। इसके लिए गाइडों से गूगल फार्म भरवाया जाएगा, ताकि खाली सीटों की संख्या का पता चल सके।
जून 2026 में हुई पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में कई विषयों में गाइड की संख्या कम थी, जबकि सीटों की तुलना में शोधार्थियों की संख्या अधिक थी। इस समस्या को देखते हुए डीएवीवी इस बार पहले ही गाइडों की संख्या बढ़ाएगा। विश्वविद्यालय में पहले से पंजीकृत सभी पीएचडी गाइडों को नवंबर में गूगल फार्म के माध्यम से खाली सीटों की जानकारी देनी होगी। जरूरत के अनुसार नए गाइड का पंजीयन भी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने इस बार एक महत्वपूर्ण व्यवस्था तय की है। जिस विषय में एक भी पीएचडी गाइड उपलब्ध नहीं होगा, उसे दिसंबर की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। संबंधित विषय में गाइड उपलब्ध होने के बाद ही वहां पीएचडी प्रवेश दिया जा सकेगा। इससे प्रवेश के बाद शोधार्थियों के सामने गाइड की समस्या खड़ी होने की संभावना कम होगी।
जून में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और भूगोल सहित कई विषयों में नेट स्कोर कार्ड के आधार पर करीब 150 शोधार्थी पात्र हुए थे। इन विषयों में सिर्फ 10 गाइड के पास 14 सीटें थीं। पात्र शोधार्थियों की संख्या और उपलब्ध शोध सीटों में बड़ा अंतर रहा।
इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब दिसंबर की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। पीएचडी प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर 20 अक्टूबर के बाद पंजीयन शुरू किए जाएंगे।
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