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MP में प्राइवेट कॉलेजों के लिए नए नियम लागू, अनदेखी करने पर लगेगा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना

मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी नए नियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना व संस्था...और पढ़ें

By Anil TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 07:56:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:08:39 PM (IST)
MP में प्राइवेट कॉलेजों के लिए नए नियम लागू, अनदेखी करने पर लगेगा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना

HighLights

  1. डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया
  2. जमीन और भवन के सख्त नियम
  3. बैंक खातों से मिलेगा वेतन

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों से संबद्ध पारंपरिक पाठ्यक्रमों के संचालन, नवीन अशासकीय महाविद्यालयों की स्थापना, नए संकाय, विषय व उत्तरवर्ती कक्षाएं प्रारंभ करने और पूर्व संचालित महाविद्यालयों की निरंतरता के लिए सत्र 2027-28 से लागू होने वाली विस्तृत मार्गदर्शिका जारी कर दी है। शासन द्वारा जारी नए नियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना व संस्थानों में स्तरीय अधोसंरचना व शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है। यदि कोई भी महाविद्यालय नियमों की अनदेखी पार पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया, पोर्टल के जरिए वर्ष भर स्वीकार होंगे आवेदन

नए अशासकीय महाविद्यालयों की स्थापना और पाठ्यक्रमों की निरंतरता के लिए सभी प्रकार के आवेदन केवल विभागीय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया वर्ष भर संचालित होगी। संस्थाओं को पोर्टल पर अपनी आईडी बनाकर भूमि, भवन, ई-स्टाम्प पर नोटराइज्ड शपथ-पत्र व अन्य आवश्यक दस्तावेजों के स्पष्ट स्कैन कापी और जियो-टैग तस्वीरों संग अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन जमा आवेदनों और अनापत्ति प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जनसाधारण से आपत्तियां व शिकायतें भी ऑनलाइन ही प्राप्त की जाएंगी।


भूमि, भवन और बुनियादी सुविधाओं के तय हुए कड़े मापदंड

  1. भूमि संबंधी आवश्यकता: नवीन महाविद्यालय की स्थापना हेतु नगरीय सीमा में कम से कम दो एकड़ और ग्राम पंचायत क्षेत्र में न्यूनतम चार एकड़ निर्विवादित एकजाई भूमि अनिवार्य की गई है।
  2. निर्मित क्षेत्रफल: महाविद्यालय भवन का निर्मित क्षेत्रफल न्यूनतम 10000 वर्गफीट होना अनिवार्य है। इसमें अधिकतम दो स्नातक संकायों की अनुमति मिलेगी। अतिरिक्त स्नातक संकाय के लिए 3000 वर्गफीट व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए 1000 वर्गफीट अतिरिक्त निर्मित स्थान आवश्यक होगा।
  3. अनिवार्य अधोसंरचना: महाविद्यालय परिसर में बाउंड्री वाल, पर्याप्त व्याख्यान कक्ष (प्रति सेक्शन 80 विद्यार्थी), सुसज्जित प्रयोगशालाएं (प्रति छात्र न्यूनतम 20 वर्गफीट), ग्रंथालय (प्रति छात्र न्यूनतम 15 वर्गफीट), खेल मैदान, पार्किंग, पेयजल, बालक-बालिकाओं के पृथक शौचालय, अग्निशमन उपकरण व दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं अनिवार्य होंगी।

स्टाफ की नियुक्ति और बैंक के जरिए करना होगा वेतन भुगतान

मार्गदर्शिका में स्पष्ट किया गया है कि महाविद्यालयों में परिनियम-28 के तहत अर्हता प्राप्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक अमले की नियुक्ति आवश्यक है। संस्था में एक पूर्णकालिक प्राचार्य और प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त सहायक प्राध्यापक अनिवार्य होंगे। इसके अलावा, संस्था में कार्यरत सभी कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों का भुगतान अनिवार्य रूप से बैंक खातों के माध्यम से ही किया जाएगा। आवेदन संग बैंक स्टेटमेंट और प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होगा।