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शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए DPI ने जारी किए नए निर्देश, 1998 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा देना अनिवार्य

TEACHER ELIGIBILITY TEST News : इस बार पात्रता परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राज्य कर्मचारी चयन मंडल के बजाय माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंपी गई है। यह परी...और पढ़ें

By Anil TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 07:15:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 07:16:41 PM (IST)
शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए DPI ने जारी किए नए निर्देश, 1998 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा देना अनिवार्य

HighLights

  1. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर नए निर्देश
  2. माध्यमिक शिक्षा मंडल कराएगा ऑफलाइन परीक्षा
  3. 5 अक्टूबर तक भरे जाएंगे ऑनलाइन आवेदन

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने को लेकर अब तक अनुमति न मिलने का बहाना बना रहे सेवारत शिक्षकों के लिए प्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। विभाग ने एक नया आदेश जारी कर 1998 से 2010 के बीच नियुक्त उन सभी सेवारत शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल होने के निर्देश दिए हैं, जो अब तक इसे उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 व अन्य याचिकाओं में पारित आदेश के अनुपालन में जारी इस आदेश के बाद अब शिक्षकों के पास परीक्षा से बचने का कोई विकल्प नहीं बचा है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल कराएगा ऑफलाइन परीक्षा

खास बात यह है कि इस बार पात्रता परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राज्य कर्मचारी चयन मंडल के बजाय माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंपी गई है। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।


ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक (इन्विजिलेटर) के रूप में भी शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभी से सवाल उठने लगे हैं।

डीपीआई ने यह भी दिए हैं निर्देश

  1. पात्रता दायरा: प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत प्राथमिक स्तर (सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-तीन, प्रयोग प्रयोगशाला शिक्षक) और माध्यमिक स्तर (उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-दो) के वे सभी शिक्षक, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें इसमें शामिल होना अनिवार्य होगा।

  • सीटेट पास को छूट: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों को इस परीक्षा में शामिल होने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • अशासकीय स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल: अशासकीय स्कूलों की प्राथमिक व माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षक भी इस पात्रता परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।
  • आवेदन की अंतिम तिथि: परीक्षा फार्म कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से ही भरे जाएंगे। फार्म जमा करने की अंतिम तिथि पांच अक्टूबर तय की गई है।
  • परीक्षा केंद्र आवंटन: शिक्षक जिस जिले में कार्यरत हैं, उन्हें सामान्यतः उसी जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र मिलेगा। परीक्षार्थियों की संख्या कम होने पर पास के जिले में केंद्र आवंटित किया जा सकता है।