
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय अपने लाखों विद्यार्थियों को बड़ी डिजिटल सुविधा देने जा रहा है। विश्वविद्यालय का मोबाइल एप्लीकेशन इसी महीने लांच हो सकता है। टेस्टिंग के बाद अब मोबाइल एप ट्रायल स्टेज पर पहुंच चुका है। खास बात यह है कि ट्रायल में अधिकारी और कर्मचारी ही शिकायत दर्ज कर रहे हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि एप कैसे काम कर रहा है।
समस्याओं का समाधान भी उसी तरह करके देखा जा रहा है, जैसे छात्रों के लिए किया जाएगा। ट्रायल के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें आइटी कंपनी ठीक कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगले दस दिनों में एप विद्यार्थियों के लिए लांच कर दिया जाएगा।
एप पर दर्ज शिकायतों का समाधान चार स्तर पर किया जाएगा। पहले दो स्तर पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समस्या का निवारण करेंगे। यदि छात्र संतुष्ट नहीं होता है तो शिकायत कुलगुरु और रजिस्ट्रार तक पहुंचेगी। तय समयसीमा में ही समाधान देना होगा, वरना संबंधित जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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एप्लीकेशन के माध्यम से विद्यार्थी मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट, होस्टल, रैगिंग, मूल्यांकन त्रुटि, मेस व पानी जैसी सुविधाओं की कमी, नामांकन में देरी और कैंपस की सुरक्षा जैसी समस्याओं पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे। छात्र संबंधित विभाग चुनकर शिकायत करेंगे और आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड कर पाएंगे।
डीएवीवी से जुड़े 30 यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) और 160 सरकारी-निजी कालेजों में पढ़ने वाले करीब आठ लाख विद्यार्थी इस एप का उपयोग कर सकेंगे। खासतौर पर दूर-दराज जिलों के छात्र, जिन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए इंदौर आना पड़ता था, उन्हें यह एप बहुत राहत देगा। अब वे अपने मोबाइल से ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रत्येक शिकायत के समाधान के लिए तय समयसीमा बनाई है। जब तक समस्या पूरी तरह हल नहीं होती, शिकायत बंद नहीं होगी। कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई स्वयं हर महीने एप पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करेंगे। सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा ने बताया कि ट्रायल के परिणाम उत्साहजनक हैं और एप अब अंतिम चरण में है। विद्यार्थियों के लिए यह डिजिटल कदम न केवल समय और धन की बचत करेगा, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को भी पारदर्शी बनाएगा।