नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के कॉलेजों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया 14 अगस्त को समाप्त हो गई। वहीं, स्नातकोत्तर (पीजी) की प्रवेश प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो जाएगी। अब विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद पाठ्यक्रम या संकाय पसंद नहीं आने पर परिवर्तन कर सकते हैं।
साथ ही कॉलेज भी बदल सकेंगे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आदेश जारी किया है। इसमें विद्यार्थियों को लागइन आइडी से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेज के प्राचार्यों को आवेदन देना होगा।
इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निरस्तीकरण की प्रक्रिया की जाएगी। विद्यार्थी विषय परिवर्तन भी कर सकेंगे। कालेज स्थानांतरण की प्रक्रिया भी इसी माध्यम से होगी। प्रवेशित विद्यार्थी उनके डाटा की त्रुटि भी संशोधित करा सकेंगे। इसके लिए विभाग ने सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि 15 सितंबर तक इसे पूरा कर लें। इस दौरान किसी भी प्रकार के नए प्रवेश मान्य नहीं होंगे।
प्राचार्यों का कहना है कि कुछ विज्ञान महाविद्यालयों में सिर्फ विज्ञान विषयों की पढ़ाई होती है। विद्यार्थी मेजर व माइनर में से कोई एक कला संकाय के विषय भी लेते हैं तो मल्टीडिसीप्लिनरी में उन्हें बाद में परेशानी होती है। इस कारण विद्यार्थियों को विषय या संकाय बदलने के लिए मौका दिया गया है। वहीं जिन विद्यार्थियों ने मल्टीडिसीप्लिनरी पाठ्यक्रमों के समूह चयन में भी गड़बड़ी की है, वो भी इसे सुधार सकते हैं।
अगर विद्यार्थी को कॉलेज पसंद नहीं आ रहा है तो वह दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण करा सकते हैं। विषय व संकाय भी बदल सकते हैं। कॉलेज बदलने पर विद्यार्थी की फीस भी वापस होगी।