यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CG Election 2023: भाजपा और कांग्रेस के घोषणा-पत्र में धान, कर्जा माफी व रसोई गैस सब्सिडी रहेगा अहम मुद्दा, 30 अक्टूबर के पहले होगा जारी
कांग्रेस घोषणा पत्र समिति की अंतिम बैठक 25 अक्टूबर को हो सकती है। इसी दिन घोषणा-पत्र भी जारी किया जा सकता है। भाजपा ने भी 30 नवंबर के पहले घोषणा-पत्र ...और पढ़ें
By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 20 Oct 2023 06:21:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 20 Oct 2023 06:21:55 PM (IST)
HighLights
- भाजपा-कांग्रेस दोनों प्रमुख पार्टियों का घोषणा-पत्र 30 अक्टूबर के पहले जारी होगा
- दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने घोषणा-पत्र के लिए सुझाव मंगावाए थे, जिसमें इन्हें 10 हजार से अधिक सुझाव मिले
- छत्तीसगढ़ में पहले चरण में सात और दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा
रायपुर (राज्य ब्यूरो)। विधानसभा का चुनावी बिगुल बज चुका है। राजनीतिक पार्टियां ने मोर्चा संभाल लिया है। ऐेसे में मतदाताओं की दृष्टि अब राजनीतिक दलों के घोषणा-पत्र पर बनी हुई है। भाजपा-कांग्रेस दोनों प्रमुख पार्टियों का घोषणा-पत्र 30 अक्टूबर के पहले जारी होगा, जिसमें धान का समर्थन मूल्य, कर्जा माफी प्रमुख मुद्दा रह सकता है। आप ने पहले ही अपनी 10 गारंटी जारी कर दी है।
घोषणा-पत्र में महिलाओं को विशेष महत्व मिल सकता है। इस बार रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में सब्सिडी भी प्रमुख मुद्दा होगा। दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने घोषणा-पत्र के लिए सुझाव मंगावाए थे, जिसमें इन्हें 10 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं। इन सुझावों में गांव, किसान, शहरी विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, उद्योग-व्यापार आदि विषयों पर लोगों ने अपना अभिमत भेजा है।
छत्तीसगढ़ में पहले चरण में सात और दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा। इसलिए भी अब घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने की तैयारियां तेज की जा रही हैं। कांग्रेस एक सप्ताह के भीतर अपना घोषणा पत्र जारी कर सकती है। भाजपा और कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति की अब तक चार-पांच दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
कांग्रेस 25 को जारी कर सकती है घोषणा-पत्र
पार्टी सूत्रों की मानें तो कांग्रेस घोषणा पत्र समिति की अंतिम बैठक 25 अक्टूबर को हो सकती है। इसी दिन घोषणा-पत्र भी जारी किया जा सकता है। भाजपा ने भी 30 नवंबर के पहले घोषणा-पत्र जारी करने की रणनीति बना ली है।
दोनों पार्टियों के एजेंडे में छत्तीसगढ़ियावाद रहेगा हावी
कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा ने भी छत्तीसगढ़ियावाद को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है। कांग्रेस विभिन्न नई योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ियावाद को आगे ले जाना चाह रही है। वहीं, भाजपा के घोषणा-पत्र में भी कला, संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण घोषणाएं रहेगी।
कांग्रेस को 5,000 से ज्यादा सुझाव
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के घोषणा-पत्र समिति को अब तक 5,000 से अधिक सुझाव मिल चुके हैं। कांग्रेस ने लोगों के मन की बात जानने के लिए ई-मेल के साथ सीधे सुझाव मांगे थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस को ई-मेल पर अब तक 2,500 से अधिक व कागज पर 1,800 से अधिक सुझाव मिले हैं।
दोनों पार्टियों के घोषणा-पत्र में यह प्रमुख एजेंडा
- धान का समर्थन मूल्य।
- कर्जा माफी (कम से कम एक लाख रुपये)।
- रसोई गैस सिलिंडर पर सब्सिडी।
- महिलाओं को आर्थिक सहायता।
- बिजली बिल हाफ योजना में यूनिट की बढ़ोतरी।
- नारी सम्मान योजना।
- रोजगार के लिए ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में वर्तमान संचालित योजनाओं का विस्तार।
- चरणबद्ध शराबबंदी (चिन्हित क्षेत्र को छोड़कर)।