चंडीगढ़। हरियाणा में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है। इस बार प्रदेश की 90 सीटों पर 1168 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतरे हैं। नाम वापसी की अंतिम तारीख गुजरने के बाद अब ग्यारह सौ से ज्यादा प्रत्याशी चुनावी रण में आमने-सामने हैं। उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर थी। हरियाणा विधानसभा चुनाव के ज्वाइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर इंदर जीत के अनुसार 'हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों पर कुल 1168 कैंडिडेट हैं।' इलेक्शन कमीशन ने राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह भी अलॉट कर दिए हैं।

ANI के मुताबिक, जिलावार जानकारी देते हुए ज्वाइंट सीईओ इंदर जीत ने कहा कि उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद अब जिलावार अंबाला से 36 उम्मीदवारों, झज्जर से 58, कैथल से 57, कुरुक्षेत्र से 44, सिरसा से 66 और हिसार से 118 उम्मीदवार मैदान में बचे है।

इसी तरह 'यमुनानगर जिले से 46, महेंद्रगढ़ से 45, चरखी से 27, रेवाडी से 41, जिंद से 63, पंचकुला से 24, फतेहाबाद से 50 उम्मीदवार अपनी किस्मत जनता के बीच आजमा रहे हैं।'

इस बीच, रोहतक जिले से 58 उम्मीदवार, पानीपत से 40, मेवात से 35, सोनीपत से 72, फरीदाबाद से 69, भिवानी से 71, करनाल से 59, गुड़गांव से 54 और पलवल से 35 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

बता दें कि हरियाणा में 21 अक्टूबर को मतदान होना है। वहीं 24 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इसके बाद तय होगा कि हरियाणा की सत्ता पर कौन सा राजनीतिक दल काबिज होता है।

भाजपा-कांग्रेस में ही है मुख्य मुकाबला

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों को लेकर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। हालांकि इस बार इन दोनों ही प्रमुख दलों को जननायक जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी जैसी क्षेत्रीय पार्टियां नुकसान पहुंचा सकती है। बहुजन समाज पार्टी द्वारा भी अकेले चुनाव लड़ने से दोनों दलों के वोटबैंक में सेंध लग सकती है।