
अब्बास अहमद, भिंड। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने जीवन की अंतिम आमसभा 18 मई 1991 को भिंड के एमजेएस कॉलेज के मैदान पर ली थी। इस आमसभा को लेने के बाद वे दूसरी आमसभा लेने 21 मई को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर पहुंचे थे। सभा लेने से पहले ही रात 10.20 बजे आत्मघाती बम विस्फोट कर उनकी हत्या कर दी गई थी। भिंड जिले में उनकी इस यादगार सभा में भीड़ भी जमकर उमड़ी थी। लोगों के उत्साह और उनसे मिलने की कोशिश को देखते हुए, उन्होंने भिंड में भी अपना सुरक्षा घेरा तोड़ दिया था।
भिंड में ली गई इस यादगार सभा को संबोधित करते हुए राजीव गांधी ने भिंड के लोगों को साहसी और वीर बताया था। पूरे भाषण में उन्होंने यहां के लोगों के पराक्रम, शौर्य, देश की रक्षा (बड़ी संख्या में सेना में भर्ती होने) के लिए किए जा रहे योगदान को सराहा था। भिंड के युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि ये देश के नौजवान प्रहरी हैं। उन्होंने अपनी मां स्व. इंदिरागांधी के कृषि क्षेत्र में करवाए गए कामों को रखा। माधवराव सिंधिया द्वारा भिंड-इटावा रेलवे लाइन के विकास के लिए किए गए कामों को गिनाया था।
युवाओं से सीधे जुड़ रहे थे राजीव गांधी
कांग्रेस के प्रदेश सचिव और अपैक्स बैंक भोपाल में डायरेक्टर रहे खिजर कुरैशी का कहना है कि 18 मई 1991 को वे भी जनता दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा के साथ राजीव गांधी ने मंच पर बुलाकर बातचीत की थी। अपना फोन नंबर देकर कहा था दिल्ली आकर मिलो। कुरैशी राजीव गांधी से हुई मुलाकात को याद कर कहते हैं देश में राजीव गांधी का जादू चरम पर था। वे युवाओं से सीधे जुड़ रहे थे, लेकिन भिंड से जाने के 3 दिन बाद दुखद घटना ने राजीव गांधी को असमय देश से छीन लिया।
बसपा, जनता दल बना था हार का कारण
राजीव गांधी 1991 के इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी उदयन शर्मा के समर्थन में चुनावी सभा लेने आए थे। उदयन शर्मा यह चुनाव भाजपा प्रत्याशी योगानंद सरस्वती से 38 हजार 854 वोट से हारे थे। कांग्रेस प्रत्याशी की हार का मूल कारण उस दौर में बसपा व जनता दल की मजबूती बना था। उस चुनाव में भिंड से 21 प्रत्याशी मैदान में थे। बसपा प्रत्याशी रामबिहारी कुशवाह को 77 हजार 251, जनता दल प्रत्याशी रघु ठाकुर को 61 हजार 370 वोट मिले थे। भाजपा से जीते योगांनद सरस्वती को 1 लाख 42 हजार 185 व निकटतम रहे उदयन शर्मा को 1 लाख 3 हजार 331 वोट मिले थे।