
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर भी वोटिंग हो रही है। ये सीट हैं- मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, कैराना, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर। इस सीटों पर भाजपा, महागठबंधन और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। सबसे दिलचस्प मुकाबला कैराना सीट का है। 8 सीटों में से सिर्फ कैराना ऐसी है, जिस पर मौजूदा सांसद भाजपा का नहीं है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 2014 में यहां से भाजपा के हुकुम सिंह ने जीत दर्ज की थी। दरअसल, हुकुम सिंह के निधन के बाद 2018 में यहां उपचुनाव हुआ था और भाजपा ने हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया था, लेकिन आरएलडी की तबस्सुम हसन ने उन्हें हरा दिया था। बहरहाल, भाजपा ने इस बार मृगांका सिंह की जगह प्रदीप चौधरी को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने अपने दमदार नेता हरेंद्र सिंह मलिक को मैदान में उतारा है। गठबंधन की ओर से समाजवादी पार्टी ने मौजूदा सांसद तबस्सुम हसन को टिकट दिया है। इस तरह यह सीट भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई है।
तबस्सुम हसन की सियासत
मौजूदा सांसद तबस्सुम हसन को लेकर एक रोचक जानकारी यह है कि 2009 से अब तक वे तीन अलग-अलग दलों के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। सियासी घराने के ताल्लूक रखने वालीं तबस्सुम ने 2009 का लोकसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा था और भाजपा के हुकुम सिंह को हराया था। इसके बाद 2014 में उनकी जगह बेटे नाहिद हसन ने सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के हुकुम सिंह से हार थे। 2018 में जब हुकुम सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुए तो आरएलडी ने तबस्सुम को टिकट दिया और वे जीत गईं। कैराना से इस बार सपा ने टिकट दिया है।
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तबस्सुम का परिवार राजनीति में नया नहीं है। उनके शौहर मुनव्वर हसन कैराना से दो बार विधायक, दो बार सांसद, एक बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। यही नहीं, तबस्सुम के ससुर चौधरी अख्तर हसन सांसद रह चुके हैं।
कांग्रेस को पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक से बहुत उम्मीदे हैं। उनका बेटा पंकज क्षेत्र का युवा नेता है और अपने पिता के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है।
कैराना में पिछले पांच लोकसभा चुनाव का परिणाम
| लोकसभा चुनाव | विजयी प्रत्याशी | पार्टी |
| 2018 (उपचुनाव) | तबस्सुम हसन | आरएलडी |
| 2014 | हुकुम सिंह | भाजपा |
| 2009 | तबस्सुम हसन | बसपा |
| 2004 | अनिरुद्ध चौधरी | आरएलडी |
| 1999 | आमिर आलम | आरएलडी |
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