
हरिओम गौड़, मुरैना। जिला प्रशासन खुद ही पीठ थमथपा रहा है कि इस बार मुरैना जिले में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और वोटिंग ग्राफ पहले से ज्यादा बढ़ गया, लेकिन निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में जो दिख रहा है, वह हैरान और परेशान करने वाला है। मुरैना शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई पोलिंग बूथ हैं, जहां मतदाताओं से कहीं ज्यादा वोट पड़ गए। कहीं 263, कहीं 158 तो कहीं 80 वोट ज्यादा डाल दिए गए। बढ़े वोट का उल्लेख निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट में भी दिख रहे हैं। सवाल उठ रहा है, कि यह फर्जी मतदान हुआ है या फिर कोई तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हो गया? कुछ भी हुआ हो लेकिन यह गंभीर है और जांच का विषय बन चुका है।
मुरैना शहर के पोलिंग बूथ क्रमांक 162 पर पुरुष मतदान 114.81 प्रतिशत हो गया है। इस बूथ पर 655 पुरुष मतदाता थे, लेकिन पुरुषों के वोट 752 डाले गए हैं। यानी जिला मुख्यालय पर ही 97 वोट ज्यादा डाले गए। मुरैना विधानसभा के ही बूथ क्रमांक 275 परीक्षा में 133.06 प्रतिशत पुरुष मतदान हो गया है। इस बूथ की वोटिंग लिस्ट मे 242 पुरुष मतदाता हैं, लेकिन ईवीएम में वोट 322 पुरुष मतदाताओं के डाले गए। परीक्षा गांव के ही बूथ क्रमांक 276 पर पुरुष मतदान 114.58 प्रतिशत हो गया, यहां 391 पुरुष मतदाता थे, लेकिन वोट 448 ने डाल दिए हैं।
अब ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो सुमावली विधानसभा क्षेत्र का लोहबसई बूथ क्रमांक 119 पर कुल मतदान का आंकड़ा 147.15 प्रतिशत हो गया है। यहां महिला मतदान तो 77.40 प्रतिशत हुआ है, लेकिन पुरुष मतदान का आंकड़ा 188.85 प्रतिशत दिख रहा है। इस बूथ पर पुरुष मतदाताओं की संख्या 473 है, लेकिन वोट 696 पुरुषों ने डाल दिए, यानी 223 वोट ज्यादा डल गए।
सुमावली विधानसभा के ही हेतमपुर बूथ क्रमांक 271 पर कुल मतदान 104 प्रतिशत पहुंच गया, क्योंकि यहां पुरुष मतदान का ग्राफ 139.60 प्रतिशत हो गया है। हेतमपुर बूथ पर 399 पुरुष मतदाता हैं, लेकिन वोट 557 ने डाल दिया। यानी यहां की ईवीएम में 158 वोट बढ़ गए हैं। यह सब जानकारी निर्वाचन विभाग मुरैना की कम्युनिकेशन रिपोर्ट वोटिंग परसेंट में सामने आया है।
मुरैना जिले की छह विधानसभाओं में 1706 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। कई मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदान का ग्राफ पहुंचा, वहीं जिले में एक मतदान केंद्र ऐसा भी है, जहां एक भी मतदाता ने वोट नहीं डाला। यह पोलिंग बूथ है, मुरैना विधानसभा के महटौली गांव का बूथ क्रमांक 301, जहां कुल 734 मतदाता हैं, लेकिन गांव में स्कूल नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक भी वोट नहीं डाला है। अब इस बूथ पर पुन: मतदान होगा या नहीं? इसे लेकर भी चर्चा व मंथन चल रहा है।
अभी हर बूथ के आंकड़ों की जांच चल रही है। इसका पूरा निरीक्षण आब्जर्वर करते हैं। वह पीठासीन अधिकारी की डायरी, मतपत्र लेखा सहित 17 बिंदुओं पर जांच करते हैं। अगर किसी भी दस्तावेज में विरोधाभास सामने आता है, तब आब्जर्वर ही निर्णय लेते हैं, कि पुन: मतदान होगा या कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई, जिसे सुधारा जाएगा।
इस प्रक्रिया में जिला निर्वाचन अधिकारी की कोई भूमिका नहीं होती। महटौली में पुन: मतदान नहीं हो सकता, क्योंकि प्रशासन की कहीं गलती नहीं है, लोग मतदान करने नहीं आए, यह पुन: मतदान का आधार नहीं है।
अंकित अस्थाना, जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर मुरैना