
मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है। इस मिट्टी ने सिर्फ इतिहास और संस्कृति ही नहीं, बल्कि मनोरंजन की दुनिया को भी कई बड़े नाम दिए हैं। संगीत की दुनिया में किशोर कुमार और लता मंगेशकर से लेकर एक्टिंग में सलमान खान, जया बच्चन, आशुतोष राणा और कार्तिक आर्यन तक, ऐसे कई कलाकार हैं जिनका जन्म, पढ़ाई या परिवार किसी न किसी रूप में मध्य प्रदेश से जुड़ा रहा है।
इस लिस्ट में कुछ नाम ऐसे भी हैं जिन्होंने छोटे शहरों से निकलकर मुंबई तक का सफर तय किया। इन्होंने अपनी मेहनत से पहचान बनाई। आइए जानते हैं उन सितारों के बारे में जिनके करियर में मध्य प्रदेश की मिट्टी का भी हिस्सा रहा है।
हिंदी सिनेमा के सबसे फेमस प्लेबैक सिंगर्स में शामिल किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। किशोर कुमार सिर्फ गायक ही नहीं थे। उन्होंने एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। हिंदी के अलावा उन्होंने कई दूसरी भाषाओं के सिनेमा में भी अपनी आवाज दी है।
आज भी उनके गाने कई पीढ़ियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं। इतना ही नहीं, खंडवा में उनका नाम शहर की पहचान से भी जुड़ा हुआ है।
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भारत की सुरकोकिला लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था। संगीत उन्हें परिवार से मिला और उन्होंने आगे चलकर भारतीय सिनेमा की गायकी को एक नई ऊंचाई दी। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ से लेकर अनगिनत फिल्मी गीतों तक, लता मंगेशकर की आवाज भारतीय संगीत की सबसे पहचानने योग्य आवाजों में शामिल रही।
उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया।
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर अशोक कुमार का जन्म बिहार में हुआ था, लेकिन उनका परिवार और शुरुआती जीवन मध्य प्रदेश से जुड़ा रहा। उनके छोटे भाई किशोर कुमार और अनूप कुमार भी फिल्मों में आए। अशोक कुमार ने लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपने सहज एक्टिंग के लिए पहचाने गए।
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एक्ट्रेस जया बच्चन का मध्य प्रदेश से रिश्ता उनके स्कूली दिनों से है। उन्होंने भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की। बाद में उन्होंने हिंदी सिनेमा में ‘गुड्डी’, ‘अभिमान’, ‘जंजीर’, ‘शोले’, ‘सिलसिला’ और ‘कोरा कागज’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्टिंग के बाद उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
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फिल्म लेखक सलीम खान का जन्म इंदौर में हुआ था। सलीम-जावेद की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा के लेखन को नई दिशा दी। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों की कहानियों और किरदारों ने 1970 और 80 के दशक के हिंदी सिनेमा पर गहरा प्रभाव डाला।
सलीम खान के बेटे सलमान खान का जन्म भी इंदौर में हुआ था। उन्होंने 1988 में ‘बीवी हो तो ऐसी’ से एक्टिंग की शुरुआत की और इसके बाद ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘करण अर्जुन’, ‘बजरंगी भाईजान’ और कई दूसरी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। आज सलमान खान एक्टर होने के साथ प्रोड्यूसर और टेलीविजन होस्ट के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
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जॉनी वॉकर, जिनका असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी था, का जन्म इंदौर में हुआ था। लोगों की नकल करने और हास्य पैदा करने की उनकी कला ने उन्हें फिल्मों तक पहुंचाया। गुरुदत्त की फिल्मों में उनके किरदार खास तौर पर याद किए जाते हैं। ‘आर-पार’, ‘प्यासा’, ‘चौदहवीं का चांद’ और ‘कागज के फूल’ जैसी फिल्मों में उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया।
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एक्टर अन्नू कपूर का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ और उनका बचपन थिएटर के माहौल में बीता। उनके परिवार का संबंध रंगमंच से था। उन्होंने फिल्मों के साथ टीवी और रेडियो में भी काम किया। उनकी साफ उच्चारण वाली हिंदी और अलग-अलग किरदार निभाने की क्षमता उनकी पहचान बनी।
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मध्य प्रदेश के गाडरवारा में जन्मे आशुतोष राणा ने टीवी से एक्टिंग की शुरुआत की। इसके बाद फिल्म ‘दुश्मन’ में निभाया गया उनका नेगेटिव किरदार बेहद चर्चित हुआ। इसके बाद उन्होंने ‘संघर्ष’, ‘राज’, ‘हम्टी शर्मा की दुल्हनिया’ समेत कई फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
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नई पीढ़ी के लोकप्रिय एक्टरओं में शामिल कार्तिक आर्यन का जन्म ग्वालियर में हुआ। ‘प्यार का पंचनामा’ से पहचान बनाने के बाद उन्होंने ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘लुका छुपी’, ‘भूल भुलैया 2’ और ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘चंदू चैंपियन’ के लिए उनका ट्रांसफॉर्मेशन और एक्टिंग भी चर्चा में रहा।
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‘मुन्नी बदनाम हुई’, ‘फेविकोल से’ और ‘अनारकली डिस्को चली’ जैसे गानों से पहचान बनाने वालीं गायिका ममता शर्मा का जन्म ग्वालियर में हुआ। उनकी आवाज और गायकी का अलग अंदाज फिल्मी संगीत में उनकी पहचान बना।
एक्टर अर्जुन रामपाल का जन्म जबलपुर में हुआ। उन्होंने मॉडलिंग से करियर शुरू किया और बाद में फिल्मों में कदम रखा। ‘प्यार, इश्क और मोहब्बत’, ‘आंखें’, ‘डॉन’, ‘ओम शांति ओम’ और ‘रॉक ऑन!!’ जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया।
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गायक शान का जन्म भी खंडवा में हुआ। ‘तन्हा दिल’ से उन्हें खास पहचान मिली। उन्होंने हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं। फिल्मों में उनकी आवाज ने खास तौर पर 2000 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई।
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गायिका पलक मुछाल का संबंध इंदौर से है। उन्होंने कम उम्र से ही गाना शुरू किया और बाद में बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में पहचान बनाई। उनका नाम गायकी के साथ जरूरतमंद बच्चों के इलाज में मदद करने वाली सामाजिक पहल से भी जुड़ा रहा है।
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टीवी की लोकप्रिय एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी का जन्म भोपाल में हुआ। उन्होंने भोपाल में पढ़ाई की और शूटिंग से पहले राइफल ट्रेनिंग भी ली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भोपाल में एंकरिंग से की और बाद में टीवी सीरियल ‘बनूं मैं तेरी दुल्हन’ से पहचान बनाई। ‘ये हैं मोहब्बतें’ की इशिता के किरदार ने उन्हें घर-घर लोकप्रिय बनाया।
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अंकिता लोखंडे का जन्म इंदौर में हुआ। ‘पवित्र रिश्ता’ में अर्चना के किरदार से उन्हें देशभर में पहचान मिली। इसके बाद वे फिल्मों और रियलिटी शोज में भी नजर आईं।
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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से आने वाले मुश्ताक खान का नाम भी इस सूची में खास है। उन्होंने दशकों तक फिल्मों में छोटे-बड़े किरदार निभाए थे। 24 सितंबर को उनका निधन हो गया। ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘वेलकम’, ‘गदर’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में वे नजर आए। ‘वेलकम’ में बल्लू का उनका किरदार और ‘मेरी एक टांग नकली है…’ वाला डायलॉग आज भी दर्शकों को याद है।
मुंबई में शुरुआती दिनों में संघर्ष करने वाले मुश्ताक ने थिएटर से शुरुआत की और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

एक्टर गोविंद नामदेव का जन्म सागर में हुआ। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले थिएटर और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से जुड़ा लंबा अनुभव हासिल किया। ‘शोला और शबनम’ से फिल्मी सफर शुरू करने के बाद उन्होंने कई फिल्मों में पुलिस अधिकारी और दूसरे गंभीर किरदार निभाए।
‘गोलमाल’ सीरीज के वसूली भाई को कौन भूल सकता है? इस किरदार को निभाने वाले एक्टर मुकेश तिवारी का जन्म सागर में हुआ। उन्होंने ‘चाइना गेट’ से फिल्मों में शुरुआत की, जिसमें जगेरा का किरदार निभाया था। बाद में कॉमेडी और गंभीर दोनों तरह की भूमिकाओं में नजर आए।
एक्टर कुमुद मिश्रा का संबंध रीवा से है। ‘रॉकस्टार’ के बाद उन्हें बड़े स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद ‘एयरलिफ्ट’, ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘रुस्तम’ और कई दूसरी फिल्मों में उन्होंने काम किया। वे थिएटर से जुड़े कलाकार भी रहे हैं और अपने सहज एक्टिंग के लिए पहचाने जाते हैं।
दिग्गज एक्टर शरत सक्सेना का जन्म सतना में हुआ। उन्होंने हिंदी के साथ तेलुगु, तमिल और मलयालम फिल्मों में भी काम किया। अपने मजबूत व्यक्तित्व और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए पहचाने जाने वाले शरत सक्सेना ने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए।
बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान का रिश्ता भी मध्य प्रदेश के भोपाल से जुड़ा है। पटौदी परिवार का भोपाल के शाही परिवार से संबंध रहा है और परिवार की संपत्तियां भी यहां रही हैं। सैफ के पिता और मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी का जन्म भी भोपाल में हुआ था।