
मुंबई। एली अवराम हाल ही में द साइकिल ऑफ लव (The Cycle Of Love) के लंदन प्रीमियर में शामिल हुईं। यह डॉक्यूमेंट्री PK महानंदिया और लोट्टा की असाधारण वास्तविक प्रेम कहानी को दर्शाती है। यह स्क्रीनिंग डॉक्यूमेंट्री के न्यूयॉर्क प्रीमियर के एक महीने बाद हुई, जिसे प्रियंका चोपड़ा ने होस्ट किया था।
एली के लिए लंदन की यह स्क्रीनिंग महज एक फिल्म इवेंट नहीं थी। वह पिछले कई वर्षों से इस परिवार को जानती हैं और उनकी कहानी से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में वह उनके सफर और डॉक्यूमेंट्री के जरिए सामने आने वाले प्रेम और मानवता के संदेश को समर्थन देने के लिए इस स्क्रीनिंग का हिस्सा बनकर खुश थीं।
स्क्रीनिंग के आयोजन और परिवार के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बात करते हुए एली कहती हैं, *“मैं इस परिवार को कई वर्षों से जानती हूं और हम लंबे समय से एक-दूसरे से मिलने की कोशिश कर रहे थे। PK और लोट्टा की कहानी बेहद प्रेरणादायक है और दुनिया को इसे सुनना चाहिए, क्योंकि यह आपके दिल में इतनी उम्मीद भर देती है कि आप प्रेम और मानवता की ताकत पर विश्वास करने लगते हैं।”*

यह डॉक्यूमेंट्री PK की असाधारण यात्रा को दिखाती है। PK एक भारतीय कलाकार थे, जिन्हें स्वीडिश महिला लोट्टा से प्यार हो गया था। लोट्टा के भारत दौरे के बाद स्वीडन लौट जाने पर PK ने उनसे दोबारा मिलने के लिए एक असाधारण यात्रा शुरू की—भारत से स्वीडन तक साइकिल से सफर करते हुए। आज इस दंपति की शादी को 50 साल हो चुके हैं, जो उनकी दृढ़ता, प्रतिबद्धता और लंबे समय तक कायम रहने वाले प्रेम की एक असाधारण मिसाल है।
पिछले महीने प्रियंका चोपड़ा द्वारा होस्ट किए गए न्यूयॉर्क स्क्रीनिंग के बाद लंदन प्रीमियर का हिस्सा बनने पर एली कहती हैं, *“मैं यहां आकर उनका समर्थन करने और उनकी कहानी के साथ आने वाले संदेश को साझा करने के लिए खुश हूं।”*
यह स्पष्ट करते हुए कि द साइकिल ऑफ लव (The Cycle Of Love) केवल एक दिल छू लेने वाले कॉन्सेप्ट पर आधारित फिल्म नहीं, बल्कि एक वास्तविक प्रेम कहानी पर बनी डॉक्यूमेंट्री है, एली आगे कहती हैं, *“यह कोई कॉन्सेप्ट नहीं है, यह उनकी प्रेम कहानी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री है।
कैसे वे मिले और कैसे PK ने भारत से स्वीडन तक साइकिल से जाने का फैसला किया, और उन्होंने वास्तव में ऐसा किया! आज उनकी शादी को 50 साल हो चुके हैं! यह सब PK के उस दृढ़ संकल्प की वजह से हुआ, जिसके चलते उन्होंने लोट्टा तक पहुंचने का फैसला किया, जो भारत की यात्रा के बाद वापस स्वीडन चली गई थीं।”*
एली के लिए PK और लोट्टा से आखिरकार व्यक्तिगत रूप से मिलना इस अनुभव को और भी खास बना गया। वह कहती हैं, *“आखिरकार उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना और उनके प्यार को आज भी उतना ही जीवंत देखना बेहद दिल छू लेने वाला है। दुनिया को ऐसी और कहानियों की जरूरत है।”*
दिलचस्प बात यह है कि एली का इस कहानी से जुड़ाव कई वर्षों पुराना है। उन्होंने पहली बार 2017 में उनकी किताब पढ़ी थी और लोट्टा के भारत के साथ भावनात्मक जुड़ाव को खुद से काफी जुड़ा हुआ पाया। खुद स्वीडन से होने और कम उम्र से ही भारत की ओर आकर्षित रहने वाली एली का कहना है कि उन्हें लोट्टा की भारत के प्रति खिंचाव वाली कहानी में अपनी यात्रा के साथ कई समानताएं नजर आईं।
एली ने अंत में कहा, “2017 में जब मैंने उनकी किताब पढ़ी, तो मुझे लोट्टा और भारत के प्रति उनके जुड़ाव से बहुत गहरा संबंध महसूस हुआ। चूंकि मैं खुद स्वीडन से हूं और बचपन से ही भारत की ओर आकर्षित रही हूं, इसलिए ऐसी कई चीजें हैं जिनसे मैं खुद को जोड़ पाती हूं।”