
मनोरंजन डेस्क। मुंबई की TCET डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी ने जगरण फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लिया। इस भागीदारी का उद्देश्य छात्रों में कला और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें मानवाधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। इस मौके पर सिनेमा को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को समझने, विचारों को व्यक्त करने और जरूरी मुद्दों पर संवाद शुरू करने का एक प्रभावी माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम में TCET डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. आर.आर. सेदमकर, ठाकुर स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की डीन डॉ. शुचि गौतम, ठाकुर स्कूल ऑफ हायर एंड स्किल एजुकेशन की डीन डॉ. रेखा सिंह और ठाकुर स्कूल ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस के डीन डॉ. राजेश बंसोडे मौजूद रहे।
जगरण फिल्म फेस्टिवल की ‘गुड सिनेमा फॉर एवरीवन’ यानी ‘सबके लिए अच्छा सिनेमा’ की सोच का उद्देश्य युवाओं को अलग-अलग कहानियों और नजरियों से जोड़ना है। इसके जरिए छात्रों को कलात्मक अभिव्यक्ति को समझने, सांस्कृतिक विविधता की सराहना करने और मानवाधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
फिल्में समाज की अलग-अलग परिस्थितियों, लोगों के अनुभवों और उनकी समस्याओं को सामने लाती हैं। ऐसे में सिनेमा युवाओं को नई दृष्टि देने के साथ उनमें संवेदनशीलता और सामाजिक समझ विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
TCET डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की जगरण फिल्म फेस्टिवल में भागीदारी शिक्षा के साथ कला और सिनेमा को जोड़ने की साझा सोच को दर्शाती है। इसका उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित करना है।
इस पहल के जरिए ऐसे युवाओं को तैयार करने पर जोर दिया गया, जो जागरूक होने के साथ दूसरों के प्रति संवेदनशील हों और सामाजिक मुद्दों को समझते हुए जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाएं।
जगरण फिल्म फेस्टिवल का संदेश है- ‘गुड सिनेमा फॉर एवरीवन’, यानी सबके लिए अच्छा सिनेमा।