
मनोरंजन डेस्क, एमपी। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) आज इंदौर पहुंचे थे। आज उनके इस कार्यक्रम में रैपर लश्करी (Lashcurry) ने परफॉर्म किया। इस दौरान वेन्यू पर हजारों स्टूडेंट्स मौजूद थे।
इसके अलावा, प्लेबैक सिंगर राघव चैतन्य ने भी इस कार्यक्रम में परपफॉर्म किया। लश्करी तके बाद राधव ने स्टेज संभाला।
लेकिन, हम में से बहुत कम लोग जानते हैं कि आखिरकार यह रैपर है कौन जिसे राहुल के इवेंट के लिए अप्रोच किया गया…
लश्करी (Lashcurry) का असली नाम विनायक लश्करी है। वह मध्य प्रदेश के इंदौर से ताल्लुक रखने वाले एक यंग रैपर हैं। उन्होंने भारत के मशहूर रैप रियलिटी शो 'MTV हसल 4' (MTV Hustle 4) का खिताब जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई है। उनका स्टेज नाम अमेरिकी हिप-हॉप लेजेंड डेनजेल करी (Denzel Curry) से प्रेरित है।
लश्करी ने बचपन में तबला बजाना सीखा था, जिससे संगीत में उनकी नींव मजबूत हुई। 2019 में उन्होंने यूट्यूब के जरिए अपने रैप करियर की शुरुआत की, जहां वे अक्सर अपने गानों में सामाजिक मुद्दों को उठाते थे।
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इसके बाद वह MTV हसल 4 में शामिल हुए। इस शो में वह मशहूर रैपर रागा (RAGA) के स्क्वाड में थे। बेहतरीन लिरिक्स, ऊर्जा और अपनी कहानी कहने के बेबाक तरीके के कारण उन्होंने 2024 में हसल 4 की ट्रॉफी अपने नाम की। उनके गानों में तीखे बोल, हार्ड-हिटिंग बीट्स और सच्ची भावनाएं होती हैं। 'पारदर्शी', 'लश्करी है क्या', 'सपने', 'विक्ट्री एंथम' और उनकी ईपी (EP) 'टू द टॉप' उनके कुछ चर्चित प्रोजेक्ट्स हैं।
देसी हिप-हॉप में वे तेजी से उभरता हुआ नाम बन चुके हैं। उनके गाने स्पॉटिफाई पर भी ट्रेंड कर चुके हैं और अपनी शानदार परफॉर्मेंस के कारण आज सोशल मीडिया पर उनके लाखों प्रशंसक मौजूद हैं।
मेरठ से निकलकर बॉलीवुड पर छाए राघव चैतन्य, सबसे कम उम्र में फिल्मफेयर जीतने वाले आर्टिस्ट है। उन्हें यह सम्मान फिल्म 'थप्पड़' के उनके गाने "एक टुकड़ा धूप" के लिए मिला था। आइए जानते हैं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से लेकर बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स में शुमार होने तक की उनकी पूरी कहानी।
राघव चैतन्य का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ। बचपन के दिनों में वे 'AC/DC', 'Metallica' और 'Kurt Cobain' जैसे मशहूर वेस्टर्न रॉक बैंड्स के बहुत बड़े फैन थे। वहीं, भारतीय संगीत की बात करें तो वे मशहूर दिवंगत गायक केके (KK) को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं।
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राघव से अपने करियार की शुरूआत यूट्यूब चानल्स से की थी। इससे धीरे- धीरे लोग उन्हें जानने लगे। फिर साल 2015 में संगीत को अपना फुल-टाइम प्रोफेशन बनाने के लिए वे मेरठ से मुंबई शिफ्ट हो गए। मुंबई आने के बाद एक आउटसाइडर के तौर पर उन्होंने लंबा संघर्ष किया। म्यूजिक डायरेक्टर्स के स्टूडियो के चक्कर लगाना, छोटे-मोटे जिंगल्स गाना, बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार करना और डबिंग स्क्रैच (रफ आवाज देना) उनके शुरुआती संघर्ष का अहम हिस्सा रहा। कई सालों तक बिना किसी बड़े ब्रेक के वे लगातार अपनी कला को सुधारते रहे और लाइव शज़ तथा म्यूजिक कंपोजर्स के साथ नेटवर्किंग करते रहे।
'थप्पड़' से मिला सबसे बड़ा ब्रेक राघव के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2020 में आया, जब उन्हें म्यूजिक डायरेक्टर अनुराग सैकिया ने उन्हें फिल्म 'थप्पड़' के गाने "एक टुकड़ा धूप" के लिए चुना। इससे वह रातों रात स्टार बन गए।