
मनोरंजन डेस्क। शहजाद पूनावाला रियलिटी शो राइज एंड फॉल का सीजन 2 के विनर है। प्रियंका चाहर चौधरी को हरा कर उन्होंने यह खिताब अपने नाम किया है। इसके साथ शहजाद को सिर्फ ट्रोफी नहीं, बल्कि 35 लाख प्राइज मनी भी मिली।
शहजाद ने जीतने के बाद कहा कि वह इस प्राइज मनी को बिहार और असम में बाढ़ पीड़ितो को डोनेट करेंगे। उन्होंने कहा- मैंने जो 35 लाख रुपए जीते हैं। मैं उन्हें बिहार और असम में बाढ़ राहत के लिए मुख्यमंत्री कोष (CM फंड) में दे दूंगा। जब मैं इस शो से जुड़ा था, तब वहां बाढ़ आई हुई थी। जाहिर है, दोनों राज्य सरकारों ने इस स्थिति को संभालने में बहुत अच्छा काम किया है। लेकिन वे इस राशि का इस्तेमाल किसी और आपदा या किसी अन्य काम के लिए कर सकते हैं। मैं चाहता हूं कि वे इसका उपयोग जनहित में करें। इसलिए, मैं यह राशि उन्हें जरूर दूंगा।
शो में अपनी जर्नी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- शो में एक-दो को बाकी बचे सभी आदिवासियों को अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गजों से बचा लिया गया था, इसलिए हम एक तरह से 'अंडरडॉग' (कमज़ोर माने जाने वाले) थे। इस आम धारणा के विपरीत कि राजनेताओं के सहयोगियों के मामले में समूह होते हैं, उनमें से एक तो दो चरण में ही बाहर हो गया है। मनीषी भी कुछ खास नहीं कर पाए और ज्यादा आगे तक नहीं जा सके। मैंने मीडिया, राजनीति और मनोरंजन जगत से बाहर के लोगों की तरफ से जीत हासिल की है। बाकी 5 फाइनलिस्ट मनोरंजन और रियलिटी शो की दुनिया से थे।
'राइज एंड फॉल' सीजन 2 अक्टूबर से स्ट्रीम हो सकता है। पिछले सीजन की तरह, इस साल भी 15 कंटेस्टेंट 'हैव्स एंड हैव नॉट्स' (अमीर और गरीब) के कॉन्सेप्ट पर आधारित यह गेम खेलेंगे। पिछले सीजन में, कंटेस्टेंट को गोल्डन और सिल्वर सूटकेस में से चुनना था। गोल्डन सूटकेस वाले 'रूलर' (शासक) बने और एक पेंटहाउस में रहे, जबकि सिल्वर सूटकेस चुनने वाले 'वर्कर' (मज़दूर) बने और बिना किसी बुनियादी सुविधा वाले बेसमेंट में रहे। वर्कर को सारे टास्क करने पड़ते थे, जबकि रूलर के पास सारी ताकत होती थी।
रूलर ने गेम की शुरुआत 25 लाख के प्राइज मनी के साथ की थी, लेकिन वर्कर का मकसद 'तख्ता पलट' के लिए उससे ज्यादा पैसे कमाना था। इस 'तख्ता पलट' से वर्कर पेंटहाउस में जा पाते थे और रूलर को बेसमेंट में भेज दिया जाता था। हालात बदले और वर्कर रूलर बन गए, लेकिन पिछले सीजन में टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी विनर बने।