
मनोरंजन डेस्क। नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके घर पर वह बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल की ओर से कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया गया।
नाना पाटेकर का फिल्मी करियर जितना लंबा और इफेक्टिव रहा, उतना ही उनका नाम कुछ विवादों में भी सामने आया। इनमें सबसे चर्चित विवाद एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता के 2018 के यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़ा था। तनुश्री ने फिल्म Horn ‘Ok’ Pleassss की शूटिंग के दौरान नाना पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। नाना और अन्य लोगों ने इन आरोपों से इनकार किया था।
मामला आगे बढ़ने के बाद तनुश्री ने नाना को लेकर कई तीखे बयान दिए थे। एक प्रेस बातचीत में उन्होंने उनकी तुलना आसाराम बापू से तक कर दी थी।
तनुश्री दत्ता ने 2018 में आरोप लगाया था कि 2008-09 के आसपास Horn ‘Ok’ Pleassss की शूटिंग के दौरान एक गाने के सीक्वेंस में उनसे ऐसा करने को कहा गया, जिससे वह असहज थीं। उन्होंने शूट छोड़ने का फैसला किया और आरोप लगाया कि इसके बाद उनके साथ बदसलूकी की गई।
तनुश्री के आरोपों के बाद यह मामला बॉलीवुड में #MeToo आंदोलन के शुरुआती बड़े विवादों में शामिल हुआ। उन्होंने नाना पाटेकर के अलावा फिल्म से जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत की थी। नाना ने आरोपों को खारिज किया था।
इसके बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच की और B-summary रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में पुलिस ने मामले को बंद करने की मांग की थी। कहा था कि जांच में आरोपों को साबित करने वाला पर्याप्त सबूत सामने नहीं आया।
तनुश्री ने इस रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की थी।
जनवरी 2020 में मुंबई में अपने वकील नितिन सतपुते के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान तनुश्री ने नाना पाटेकर की सार्वजनिक छवि पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि नाना की सादगी और समाजसेवा की जो छवि लोगों के सामने है, वह वास्तविकता से अलग है। उन्होंने Naam Foundation का भी जिक्र किया। उन्होंने इसके जरिए किसानों के लिए जुटाए जाने वाले फंड को लेकर सवाल उठाए थे।
मीडिया से बातचीत के दौरान तनुश्री ने नाना की सादगी वाली सार्वजनिक छवि पर टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना आसाराम बापू से की थी।
उन्होंने कहा था कि सफेद गांधी टोपी और कुर्ता पहनकर किसी व्यक्ति के सामने एक खास छवि बनाई जा सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने आसाराम बापू का उदाहरण दिया था और सवाल उठाया था कि किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों और फंड के इस्तेमाल की निगरानी कौन करता है।
इसके अलावा तनुश्री ने नाना पाटेकर से जुड़े बाढ़ पीड़ितों के लिए घर बनाए जाने के दावे पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कुछ समय पहले उन्होंने सुना था कि नाना बाढ़ पीड़ितों के लिए 500 घर बना रहे हैं। इस दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कौन करता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इसी दौरान तंज कसते हुए कहा था - कोई भी व्यक्ति अपने बारे में बड़े-बड़े दावे कर सकता है, लेकिन सवाल यह है कि NGO और उससे जुड़े दावों की जांच कौन करता है।
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