
मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। विजय सेतुपति की 2024 में रिलीज हुई तमिल थ्रिलर फिल्म ‘महाराजा’ को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का ऑफिशियल हॉलीवुड रीमेक बनाया जा सकता है। निथिलन स्वामीनाथन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने भारत के बाहर भी ऑडियंस का ध्यान खींचा। चीन में इसकी रिलीज और बाद में ओटीटी पर आने के बाद फिल्म की चर्चा और बढ़ी।
हालांकि, ‘महाराजा’ की खासियत सिर्फ इसका इंटरनेशनल सफर नहीं है। फिल्म की असली ताकत इसकी रहस्यमयी कहानी, उलझी हुई घटनाओं और ऐसे क्लाइमैक्स में है, जो शुरुआत में दिखाई गई कई छोटी-छोटी बातों का मतलब बदल देता है।
फिल्म की शुरुआत ही एक अजीब रहस्य से होती है। विजय सेतुपति फिल्म में महाराजा नाम के एक नाई का किरदार निभाते हैं। वह पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत करता है कि उसके घर से ‘लक्ष्मी’ गायब हो गई है।
पुलिस के लिए यह शिकायत इसलिए उलझन भरी है क्योंकि शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आता कि महाराजा आखिर ‘लक्ष्मी’ किसे या किस चीज को कह रहा है। यहीं से फिल्म का सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है- आखिर लक्ष्मी कौन है और महाराजा के लिए इतनी जरूरी क्यों है?
पुलिस स्टेशन के कुछ दृश्य इस गंभीर कहानी में हल्का हास्य भी जोड़ते हैं। हिरासत में मौजूद एक चोर का नाम ‘पुलिस’ होना और महाराजा की अजीब शिकायत कहानी को एक अलग तरह का टोन देता है।
‘महाराजा’ सिर्फ एक मिस्ट्री थ्रिलर नहीं है। फिल्म में दो ऐसे पिता की कहानियां भी सामने आती हैं, जिनकी जिंदगी एक-दूसरे से काफी अलग है। महाराजा अपनी बेटी ज्योति की परवरिश कर रहा है। उसकी पत्नी की मौत तब हो गई थी, जब बेटी बहुत छोटी थी। दूसरी ओर, अनुराग कश्यप का किरदार एक परिवार के साथ रहता है, जिसमें पत्नी और बेटी भी हैं।
जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, इन दोनों परिवारों की कहानियां एक-दूसरे से जुड़ने लगती हैं। यही कनेक्शन फिल्म को सामान्य हीरो-विलेन कहानी से अलग बनाता है।
महाराजा की ‘लक्ष्मी’ की तलाश कहानी को लगातार नए मोड़ देती है। निर्देशक निथिलन स्वामीनाथन कई सवालों के जवाब तुरंत नहीं देते। फिल्म में शुरुआत में दिखाई गई छोटी-छोटी घटनाएं बाद में महत्वपूर्ण साबित होती हैं। दर्शक जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ाता है, उसे पहले देखे गए दृश्यों और संवादों को नए नजरिए से समझने का मौका मिलता है।
यही वजह है कि फिल्म का स्क्रीनप्ले दर्शकों को लगातार कहानी पर ध्यान बनाए रखने के लिए मजबूर करता है।
‘महाराजा’ का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा इसका क्लाइमैक्स है। फिल्म के आखिरी करीब 20 मिनट में कई महत्वपूर्ण खुलासे होते हैं, जो पहले की घटनाओं को एक अलग संदर्भ में देखने पर मजबूर करते हैं।
कहानी के दौरान पैदा हुए कई सवालों के जवाब भी इसी हिस्से में मिलते हैं। फिल्म का अंत पारंपरिक थ्रिलर से अलग तरह का प्रभाव छोड़ता है और इसकी तुलना कोरियन थ्रिलर फिल्मों के ट्विस्ट वाले क्लाइमैक्स से भी की गई है।
विजय सेतुपति ने फिल्म में महाराजा का मुख्य किरदार निभाया है। उनके कई संवाद और छोटी-छोटी गतिविधियां कहानी आगे बढ़ने के साथ अहम होती जाती हैं। वहीं, अनुराग कश्यप ने फिल्म में महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। निर्देशन के लिए ज्यादा पहचाने जाने वाले अनुराग कश्यप की एक्टिंग भी फिल्म की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फिल्म की कहानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली प्रतिक्रिया के बाद अब इसके हॉलीवुड रीमेक की खबरें सामने आ रही हैं। अगर यह आधिकारिक रूप से आगे बढ़ता है, तो ‘महाराजा’ उन चुनिंदा भारतीय फिल्मों में शामिल होगी, जिनकी कहानी को हॉलीवुड दर्शकों के लिए दोबारा बनाया जाएगा।
फिलहाल फिल्म को लेकर सबसे बड़ा आकर्षण वही है जो इसकी शुरुआत से बना रहता है—आखिर ‘लक्ष्मी’ कौन है और महाराजा उसकी तलाश में इतना परेशान क्यों है?