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'जब मैं नाना पाटेकर के पैर छूने के लिए झुकता, वे गले लगा लेते', एमपी के शहडोल के अभिनेता संजय श्रीवास्‍तव ने सुनाए अनुभव

संजय को नाना साहब के साथ करीब दो दिन बिताने, बैठकर बातें करने और साथ खाना खाने का अवसर मिला, हालांकि उनके साथ किसी फिल्म में सीन करने का मौका नहीं मिल...और पढ़ें

By Ravindra VaidyaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 03:59:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 04:15:03 PM (IST)
'जब मैं नाना पाटेकर के पैर छूने के लिए झुकता, वे गले लगा लेते', एमपी के शहडोल के अभिनेता संजय श्रीवास्‍तव ने सुनाए अनुभव
नाना पाटेकर के साथ संजय श्रीवास्‍तव।

HighLights

  1. संजय श्रीवास्तव नाना के साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो जाते हैं।
  2. उन्‍होंने नाना पाटेकर के साथ बिताए कुछ अनमोल पल साझा किए हैं।
  3. संजय ने बताया कि नाना पाटेकर से उनकी तीन बार मुलाकात हुई।

रवींद्र वैद्य, शहडोल। नाना पाटेकर के साथ की तीन मुलाकातें मुझे ताउम्र याद रहेंगी। वह एक इतने अच्छे इंसान थे कि मुलाकात के दौरान जब भी मैं उनके पैर छूने के लिए झुकता था तो वह मुझे उससे पहले अपने गले लगा लेते थे।

शहडोल निवासी बाॅलीवुड अभिनेता संजय श्रीवास्तव नाना के साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो जाते हैं। फिल्मों और टीवी सीरियलों में अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता, अंक ज्योतिषाचार्य एवं मोटिवेशनल स्पीकर संजय श्रीवास्तव ने नाना पाटेकर के साथ बिताए कुछ अनमोल पल साझा किए हैं।


संजय ने बताया कि नाना पाटेकर से तीन बार मुलाकात हुई। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान, दूसरी फिल्म सिटी में एक बेनाम फिल्म की शूटिंग के समय और तीसरी नागपुर में किसानों के एक कार्यक्रम में।

संजय को नाना साहब के साथ करीब दो दिन बिताने, बैठकर बातें करने और साथ खाना खाने का अवसर मिला, हालांकि उनके साथ किसी फिल्म में सीन करने का मौका नहीं मिला। संजय बताते हैं कि नाना पाटेकर पर्दे पर जितने सख्त नजर आते हैं, निजी जीवन में उतने ही सरल, सहज और संवेदनशील इंसान थे।

देश, राजनीति और दुनिया की गतिविधियों पर उनकी गहरी नजर रहती थी। वे अपने सिद्धांतों और नियमों के प्रति बेहद दृढ़ थे। संजय बताते हैं कि आज उन मुलाकातों को याद करते हैं तो आंखें नम हो जाती हैं। ऐसा लगता है, मानो नाना साहब सामने बैठे हों और वह कल ही की बात हो।

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