अहमदाबाद। उत्‍तर प्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की न्रशंस हत्‍या को मौलाना मोहसिन ने शरियत कानून के कत्‍ल ए वाजिब के सिद्धांत के तहत जायज ठहराया था। तिवारी के भडकाऊ बयान सुनाकर ही उसने रशीद के भाई मोईन व अशफाक को इसके लिए तैयार किया। पुलिस ने रशीद की मां व अशफाक पत्‍नी को भी पूछताछ के लिए बुलाया।

शिवसेना नेता अरुण पाठक ने हिंदु समाज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष कमलेश तिवारी की हत्‍या को इस्‍लामिक स्‍टेट में किए जाने वाले कत्‍ल जैसा बताकर कोई अतिश्‍योक्ति नहीं की। मौलाना मोहसिन शेख ने दुबई से लौटकर आए रशीद खान पठाण को आते ही इस हत्‍याकांड की साजिश के लिए तैयार कर लिया।

एटीएस गुजरात के पुलिस उपाधीक्षक के के पटेल बताते हैं कि मौलाना अशफाक व मोइन खान उर्फ मोइनुद्दीन को कट्टरवादी नसीहतें दिया करता व तिवारी के मुस्लिम विरोधी बयान सुनाकर उन्‍हें हत्‍या के लिए उकसाया करता था। अशफाक मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का काम करता है तथा मोइन उसके साथ चंडीगढ़ व अन्‍य शहरों में घूमने जाया करता था। अभी ये दोनों फरार हैं।

उल्‍लेखनीय है कि कत्‍ल ऐ वाजिब जो शरियत कानून में कत्‍ल की सजा देने का तरीका है उसे कुरान का आदेश बताकर इन दोनों को मजहबी रुप से जूनूनी बना दिया। ये दोनों फरार हैं तथा उनके उत्‍तर प्रदेश में ही कहीं छिपे होने की आंशका है। गुजरात एटीएस की टीम भी उनकी तलाश कर रही है। अशफाक की पत्‍नी स्‍कूल टीचर है, पुलिस ने उसे भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उधर रशीद की 55 वर्षीय माता शेरिन फातिमा का कहना है कि वे उनके बारे में ज्‍यादा कुछ नहीं जानती।

Posted By: Navodit Saktawat