अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट में कबूल किया है कि प्रदेश में पुलिस विभाग में कुल 26,147 पद रिक्त हैं। राज्य में 1.08 लाख पद स्वीकृत हैं। सरकार ने हाईकोर्ट को अवगत किया कि 2018-19 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। भर्ती के बाद ये आकड़े 16,428 तक रह जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने देश में पुलिस कर्मियों के अभाव की स्थिति में वर्तमान हालात का जायजा लेना शुरू किया है। इससे गुजरात हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लेकर सरकार को हालात से अवगत कराने का आदेश दिया हैं।

इस बारे में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को अवगत कराया है कि राज्य में सशस्त्र और गैर शस्त्र धारी पुलिस कर्मियों का सर्वाधिक पद खाली हैं। वर्तमान समय में राज्य में 8106 अनार्म और 8019 आर्म कांस्टेबल के पद रिक्त हैं। वहीं अनार्म हेडकांस्टेबल के 2135 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार 1182 अनार्म एएसआई, 435 आर्म एएसआई तथा 675 अनार्म पुलिस सब इन्स्पेक्टर एवं 465 आर्म पुलिस इंस्पेक्टर के पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आरक्षित बल की प्रथम श्रेणी में 4784 पद रिक्त हैं।

सुओमोटो की इस सुनवाई में कहा गया है पुलिस कर्मचारियों के अभाव में काम का अत्यधिक बोझ रहता हैं। कम संख्या के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति नाजुक भी हो जाती है। वहीं नागरिकों संवैधानिक हकों पर भी खतरा मंडराता है। राज्य सरकार ने 2017 में सुप्रीम कोर्ट में किए गये हलफनामा में कहा है कि राज्य में 1.03 लाख स्वीकृत संख्या बल में 28,580 पद रिक्त हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का स्वयं संज्ञान लेकर सुनवाई का आदेश दिया। पुलिस कर्मियों की संख्या में कमी के अतिरिक्त अत्यधिक समय तक काम काज तथा विविध समस्याओं को भी इसमें शामिल किया गया है। पुलिसकर्मियों की शिकायत रहती है कि उन्हें कई-कई घंटों तक काम करना पड़ता है और स्टाफ की कमी के कारण यह परेशानी बढ़ जाती है।

Posted By: Arvind Dubey