
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने वफादार और जैन समुदाय के विजय रूपाणी को गुजरात का नया मुख्यमंत्री चुना है। जबकि सुबह से ही खुद को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे नितिन पटेल उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं।
गुजरात में पहली बार किसी को उप मुख्यमंत्री पद दिया गया है। यह फैसला अगले साल आसन्न विधानसभा चुनाव और पाटीदार आंदोलन के कारण पनपे असंतोष को दबाने के प्रयास के तहत किया गया। रविवार को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्र्रहण होगा।
गांधीनगर के कोबा गांव में स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार की शाम अमित शाह के साथ नितिन गडकरी और सरोज पांडे पर्यवेक्षक बने। यूं तो विजय रूपाणी पहले दिन से ही मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे चल रहे थे, लेकिन दो दिन से नए नेता के नाम पर भी चर्चा हुई। सांसद, विधायक व वरिष्ठ नेताओं से राय ली गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस बारे में चर्चा की गई। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री चुना गया। उप मुख्यमंत्री के रूप में नितिन पटेल का चयन पार्टी की परंपरा व सबको साथ लेकर चलने की रणनीति के तहत हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इन नेताओं के नाम का प्रस्ताव रखा था, उसे सभी विधायकों ने अपना समर्थन दिया। हालांकि नितिन पटेल के सीएम बनने की चर्चा दो दिन से थी। उन्हें बधाइयां भी मिलने लगी थीं और उनके घर पर विशेष पूजा भी रखी गई थी। रूपाणी अमित शाह के करीबी हैं जबकि नितिन पटेल आनंदी बेन के करीबी बताए जाते हैं।
60 के रूपाणी प्रदेश अध्यक्ष भी
60 वर्षीय विजय रूपाणी प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ-साथ मंत्रिमंडल में परिवहन, जलापूर्ति, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय संभाल रहे हैं। जबकि उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल राज्य सरकार के प्रवक्ता के साथ स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, परिवार कल्याण, मार्ग एवं मकान तथा शहरी योजना मंत्रालय संभाल रहे हैं।
मेहसाणा में दिवाली
मेहसाणा, कडी वतन के नितिन पटेल के उप मुख्यमंत्री चुने जाने से जिले भर में खुशी का माहौल है, मेहसाणा व कडी में लोगों ने उनके चुने जाने की घोषणा से पहले ही आतिशबाजी की व ढोल ताशे की धुनों पर थिरककर खुशियां मनाई।
आनंदी बेन ने जताया असंतोष
तीन दिन पहले खुद ही उम्र का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाली 75 वर्षीय आनंदी बेन पटेल ने नए मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले ही शुक्रवार को नाराजगी जता दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर 90 वर्ष तक सेवा कर सकता है लेकिन यहां 75 वर्ष का होते ही पद छोड़ना पड़ा है।
सूरत में एक समारोह को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जिंदगी भर सार्वजनिक जीवन में सेवा कार्य किया। अब घर बैठना पड़ रहा है।
"मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी में सभी को साथ लेकर चलेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व निवर्तमान मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने गुजरात को जिन ऊंचाइयों पर पहुंचाया उसे आगे बढ़ाएंगे।" -विजय रूपाणी, भावी मुख्यमंत्री, गुजरात
"अमित शाह रिमोट से गुजरात चलाना चाहते हैं। नितिन पटेल को उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पाटीदारों के साथ आ जाना चाहिए। पहले ही शक था कि शाह पाटीदारों का सफाया करेंगे। भाजपा में लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही चल रही है।" - हार्दिक पटेल, पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति
जैन समाज के हैं विजय रूपाणी
कौन हैं नितिन पटेल