32% शहरी भारतीय हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार: बढ़ने पर हार्ट अटैक का खतरा! ब्लड रिपोर्ट में LDL दिखे तो तुरंत बदलें ये 3 आदतें
देश की 32 प्रतिशत शहरी आबादी हाई कोलेस्ट्रॉल की शिकार है। इससे आर्टरीज में प्लाक जमने और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। जानिए लिपिड प्रोफाइल के स्टैं...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 12:17:20 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 12:17:43 PM (IST)
ब्लड जांच में बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) दिखने पर दिल की बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी लाइफस्टाइल टिप्स। (AI जनरेटेड)HighLights
- देश के शहरी क्षेत्रों में 32% लोग हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं
- 40 से 69 साल के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक है
- स्वस्थ रहने के लिए Total Cholesterol 200 mg/dL से कम होना चाहिए
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर डॉक्टर्स रेगुलर हेल्थ चेकअप और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) कराने की सलाह देते हैं। ताकि हार्ट डीजीज के खतरों की शुरुआत में ही पहचान की जा सके। यह जांच ब्लड सैंपल से की जाती है, जो कि सबसे सामान्य और सटीक उपाय है। समय रहते कोलेस्ट्रॉल की जांच कराने से आप अपनी खराब आदतों में सुधार कर सकते हैं। साथ ही अपनी सेहत को एक नई और स्वस्थ दिशा दे सकते हैं।
कब खतरा बनता है कोलेस्ट्रॉल?
शरीर में मौजूद ब्लड फैट यानी लिपिड प्रोफाइल का असंतुलित होना ही 'हाई कोलेस्ट्रॉल' की समस्या है। इससे-
- धमनियों (Arteries) में रुकावट (प्लाक): जब ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो यह Arteries की दीवारों पर जमा होने लगता है, जिसे 'प्लाक' (Plaque) कहते हैं।
- हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम: धीरे-धीरे यह प्लाक धमनियों को संकरा और सख्त कर देता है, जिससे हृदय तक ब्लड का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण बनती है।
बढ़ने के मुख्य कारण: डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक फैटयुक्त/प्रोसेस्ड भोजन, शारीरिक गतिविधियों की कमी (सुस्त जीवनशैली), और अत्यधिक तनाव के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर तेजी से बढ़ता है। कोलेस्ट्रॉल के स्टैंडर्ड लेवल (ब्लड जांच रिपोर्ट के अनुसार)
कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol)- 200 mg/dL से कम
LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल)- 100 mg/dL से कम
HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल)- 40-60 mg/dL
ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides)- 150 mg/dL से कम
कुछ जरूरी आंकड़े:
- 32% शहरी भारतीय: देश के शहरी क्षेत्रों की लगभग 32 प्रतिशत आबादी में कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है।
- 40 से 69 वर्ष का आयु वर्ग: इस आयु वर्ग के लोगों में उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल की बीमारियों (Cardiovascular Diseases) का खतरा सबसे ज्यादा देखा गया है।
डॉक्टर्स की सलाह…
कई स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के मुताबिक- खराब जीवनशैली, अनियंत्रित खान-पान और शारीरिक श्रम न करना ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे मुख्य कारण है। यदि आप अपनी डाइट में थोड़ा सुधार करें और दैनिक दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें, तो इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
सही डाइट से बैलेंस्ड रहेगा कोलेस्ट्रॉल
- खान-पान में कुछ सामान्य बदलाव करके बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है:
- स्वस्थ तेल का चयन: खाना पकाने के लिए रिफाइंड तेल की जगह सीमित मात्रा में सरसों का तेल या जैतून का तेल (Olive Oil) इस्तेमाल करें।
- हेल्दी ड्रिंक्स: पैकेज्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक्स की जगह नेचुरल नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें।
- प्रोसेस्ड फूड से दूरी: रिफाइंड आटा (मैदा), फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड/पैक्ड खाद्य पदार्थों का सेवन बंद करें।
दिन भर का हेल्दी रूटीन
- सुबह की शुरुआत: दिन की शुरुआत हल्के गुनगुने पानी और भीगे हुए बादाम/अखरोट से करें।
- आहार में फाइबर: अपने दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ओट्स, दलिया और ताजे फल शामिल करें।
- शारीरिक गतिविधि: रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज गति से वॉक (Brisk Walk), एरोबिक्स या योग अवश्य करें।
(नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न माना जाए। यदि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर असंतुलित है, तो कृपया किसी योग्य और प्रमाणित डॉक्टर से मिलकर अपनी रिपोर्ट की जांच करवाएं और उनके द्वारा बताई गई दवाओं तथा जीवनशैली के नियमों का ही पालन करें।)