
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भारतीय थाली में दाल, सब्जी और रोटी के साथ अगर अचार और पापड़ मिल जाएं तो भोजन का स्वाद अपने आप बढ़ जाता है। खट्टे-मीठे अचार की चटखारेदार खुशबू हो या कुरकुरे पापड़ का स्वाद, ये दोनों चीजें साधारण भोजन को भी खास बना देती हैं। छह दशक से अधिक समय से इसी स्वाद की परंपरा कायम है। यहां तैयार होने वाले होम मेड अचार, मुरब्बे और पापड़ आज भी लोगों की रसोई का हिस्सा बने हुए हैं। करीब 121 तरह के अचार और मुरब्बों की विविधता के बीच इन दिनों ड्राइफ्रूट अचार और शहद आंवला मुरब्बा खास पसंद किए जा रहे हैं।
यहां अचार मौसम के अनुसार तैयार किए जाते हैं। बारिश से सर्दी के मौसम के बीच अदरक, लहसुन और हल्दी के अचार तैयार किए जाते हैं। अलग-अलग फलों और सब्जियों के भी कई प्रकार के अचार और मुरब्बे बनाए जाते हैं। अचार तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले मसाले बाहर से तैयार नहीं खरीदे जाते, बल्कि स्वयं मशीनों से पीसे जाते हैं। इससे स्वाद और गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलती है। यहां तैयार होने वाले अचार की पैकिंग पर उसे तैयार करने की तारीख और उपयोग की अवधि का भी ध्यान रखा जाता है।
काजू, बादाम और पिस्ता जैसे मेवों का इस्तेमाल आमतौर पर मिठाइयों और पेय पदार्थों में किया जाता है, लेकिन यहां इनसे अचार भी तैयार किया जाता है। ड्राइफ्रूट अचार का स्वाद खट्टा-मीठा है। इसमें काजू, बादाम, पिस्ता के साथ अन्य मेवे और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका स्वाद पारंपरिक अचार से अलग होने के कारण यह लोगों के लिए नया जायका बन रहा है।
आंवले से कई तरह के मुरब्बे तैयार किए जाते हैं, लेकिन शहद आंवला मुरब्बा खास आकर्षण है। इसमें करीब 60 प्रतिशत शहद का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई है। आंवले के खट्टेपन और शहद की प्राकृतिक मिठास का मेल इसे अलग स्वाद देता है।
अचार और मुरब्बों के साथ यहां होम मेड पापड़ भी खास आकर्षण हैं। घर में तैयार होने वाले पापड़ों जैसी बनावट और स्वाद को ध्यान में रखकर इन्हें तैयार किया जाता है। भोजन के साथ कुरकुरे पापड़ की मांग हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि अचार-मुरब्बों के साथ पापड़ भी ग्राहकों की पसंद में शामिल हैं। छह दशक से अधिक पुरानी इस दुकान की खासियत यही है कि यहां बदलते स्वाद के साथ पारंपरिक घरेलू जायके को भी बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।