
लाइफस्टाइल डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई जरूरी पोषक तत्वों का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इन्हीं में से एक है कोलेजन (Collagen), जो त्वचा, बाल, नाखून, हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, 30 की उम्र के बाद शरीर में कोलेजन का प्राकृतिक उत्पादन तेजी से घटने लगता है, जिसका असर झुर्रियों, ढीली त्वचा, जोड़ों के दर्द और बालों की कमजोरी के रूप में दिखता है।
हालांकि अच्छी खबर यह है कि सही डाइट अपनाकर कोलेजन की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 8 चीजें, जिन्हें रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर आप कोलेजन लेवल को बढ़ा सकते हैं।
संतरा, नींबू, मौसंबी और आंवला विटामिन-सी से भरपूर होते हैं। विटामिन-सी कोलेजन बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है और त्वचा को ग्लोइंग बनाता है।
पालक, मेथी और सरसों जैसी सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट और क्लोरोफिल पाए जाते हैं, जो कोलेजन को टूटने से बचाते हैं।
टमाटर में मौजूद लाइकोपीन त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है और कोलेजन को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है।
बादाम, अखरोट, काजू के साथ-साथ अलसी और चिया सीड्स में जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो कोलेजन प्रोडक्शन के लिए जरूरी हैं।
अंडे की सफेदी में प्रोलाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जो कोलेजन बनाने में सहायक है।
फैटी फिश जैसे सैल्मन और टूना ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं, जो त्वचा की इलास्टिसिटी बढ़ाती हैं और कोलेजन को सपोर्ट करती हैं।
लहसुन में सल्फर पाया जाता है, जो कोलेजन के टूटने की प्रक्रिया को धीमा करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रसभरी जैसे फल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से त्वचा को बचाकर कोलेजन को सुरक्षित रखते हैं।
कोलेजन सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि हड्डियों की मजबूती, जोड़ों की फ्लेक्सिबिलिटी और मांसपेशियों की ताकत के लिए भी बेहद जरूरी है। सही खानपान के साथ पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव भी कोलेजन को बनाए रखने में मदद करता है।