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अब AI करेगा इलाज! जानिए कैसे अस्पताल से छुट्टी के बाद भी मरीज पर रखेगा नजर, क्या ले पाएगा डॉक्टर्स की जगह?

स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल ECG, रेडियोलॉजी, मेडिकल रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित करने और डिस्चार्ज के बाद मरीजों की 24 घंटे...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 06:26:50 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 06:26:50 PM (IST)
अब AI करेगा इलाज! जानिए कैसे अस्पताल से छुट्टी के बाद भी मरीज पर रखेगा नजर, क्या ले पाएगा डॉक्टर्स की जगह?
AI सिस्टम छुट्टी मिलने के बाद भी मरीजों पर नजर रख सकता है

HighLights

  1. AI सिस्टम छुट्टी मिलने के बाद भी मरीजों पर नजर रख सकता है
  2. AI एनालिसिस के जरिए ECG और रेडियोलॉजी में मदद कर सकता
  3. AI केवल एक सपोर्टिंग टूल है, इस पर पूरी तरह भरोसा करना गलत है

हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। मेडिकल डेटा, ECG, एक्स-रे, CT स्कैन और MRI जैसी जांचों के एनालिसिस में AI डॉक्टर्स की मदद कर रहा है। इसका इस्तेमाल बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने, मरीजों के जोखिम का आकलन करने और इलाज से जुड़े फैसलों में सहायता देने के लिए किया जा रहा है।

हालांकि, AI को डॉक्टर्स के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। स्पेशलिस्ट के मुताबिक, मरीज की पूरी स्थिति को समझने और अंतिम मेडिकल फैसले लेने में डॉक्टर की भूमिका जरूरी रहती है।

ECG से बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने में मदद

AI एल्गोरिदम ECG में दिल की धड़कनों के बेहद छोटे बदलावों का एनालिसिस कर सकता है। इन बदलावों के आधार पर कुछ हृदय संबंधी बीमारियों के शुरुआती संकेतों की पहचान में डॉक्टर्स को मदद मिल सकती है।

हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM) जैसी बीमारी में दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं। ऐसे मामलों में भी AI आधारित ECG एनालिसिस उपयोगी हो सकता है।

AI का इस्तेमाल हार्ट फेलियर, एरिथमिया और अन्य हृदय संबंधी स्थितियों के जोखिम का आकलन करने में भी किया जा रहा है। हालांकि, किसी बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर की जांच और जरूरी मेडिकल टेस्ट महत्वपूर्ण होते हैं।

मरीज के दोबारा अस्पताल पहुंचने का जोखिम भी पता लगाने में मदद

AI का एक इस्तेमाल मरीज के मेडिकल डेटा का एनालिसिस कर यह अनुमान लगाने में किया जा रहा है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किन मरीजों को दोबारा भर्ती होने का अधिक जोखिम हो सकता है।

इसी तरह, कुछ AI सिस्टम फेफड़ों की बीमारी, ICU में भर्ती होने की जरूरत और मरीज की स्थिति से जुड़े अन्य जोखिमों का आकलन करने में सहायता कर सकते हैं। इससे डॉक्टर्स को ज्यादा जोखिम वाले मरीजों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।


24 घंटे स्वास्थ्य निगरानी से जुड़े डिजिटल सिस्टम भी मरीज की स्थिति में होने वाले बदलावों को ट्रैक कर सकते हैं। किसी असामान्य बदलाव की स्थिति में समय रहते चिकित्सकीय ध्यान देने की जरूरत पहचानी जा सकती है।

रेडियोलॉजी में भी बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

एक्स-रे, CT स्कैन और MRI जैसी मेडिकल इमेजिंग में भी AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। AI बड़ी संख्या में मेडिकल तस्वीरों का तेजी से एनालिसिस कर सकता है और उनमें ऐसे पैटर्न पहचानने में मदद कर सकता है, जिन पर डॉक्टर आगे जांच कर सकते हैं। इससे कुछ बीमारियों के शुरुआती संकेतों को पहचानने और मरीजों की रिपोर्ट की समीक्षा में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है।

मेडिकल रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद

AI का इस्तेमाल केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं है। मेडिकल रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट, क्लीनिकल नोट्स और मरीज के पुराने इलाज से जुड़े डेटा को व्यवस्थित करने में भी AI आधारित सिस्टम मदद कर सकते हैं। इससे डॉक्टर्स को मरीज के पुराने मेडिकल इतिहास को एक जगह समझने में सुविधा हो सकती है। डिजिटल स्वास्थ्य उपकरण मरीजों को अपनी जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को ट्रैक करने में भी मदद कर सकते हैं।

AI की सीमाएं भी समझना जरूरी

AI मेडिकल क्षेत्र में कई काम आसान कर सकता है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। AI मुख्य रूप से उपलब्ध डेटा और उस पर प्रशिक्षित सिस्टम के आधार पर काम करता है। इसलिए गलत, अधूरा या पक्षपाती डेटा होने पर इसके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

इसके अलावा, किसी मरीज की बीमारी का इलाज केवल रिपोर्ट या डेटा के आधार पर तय नहीं किया जाता। मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच और अन्य परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

इसी वजह से AI को डॉक्टर की जगह लेने वाली तकनीक के बजाय डॉक्टर्स की सहायता करने वाले टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या AI डॉक्टर्स की जगह ले सकता है?

फिलहाल AI का प्रमुख उद्देश्य डॉक्टर्स के काम को आसान बनाना और मेडिकल जानकारी के एनालिसिस में सहायता देना है। बीमारी की पहचान, जांच रिपोर्ट के एनालिसिस और जोखिम का आकलन जैसे क्षेत्रों में यह उपयोगी हो सकता है, लेकिन अंतिम चिकित्सकीय निर्णय डॉक्टर की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का बढ़ता इस्तेमाल इलाज को ज्यादा डेटा आधारित और व्यक्तिगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। आने वाले समय में AI और डॉक्टर्स के बीच तालमेल मेडिकल सेवाओं का अहम हिस्सा बन सकता है।

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