
लाइफस्टाइल डेस्क। दिवाली पर घरों में मिठाइयों, नमकीन और तरह-तरह के पकवानों की भरमार रहती है। त्योहार के उत्साह में लोग अपनी भूख से ज्यादा खा लेते हैं। मिठाइयों में मौजूद अधिक चीनी और तली हुई चीजों में ज्यादा तेल शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में त्योहार का आनंद लेते हुए खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, दिवाली पर खाने-पीने में पूरी तरह से परहेज करने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही मात्रा और समय का ध्यान रखना चाहिए।

त्योहार पर मिठाई खाने की इच्छा होना सामान्य है। ऐसे में एक साथ कई तरह की मिठाइयां खाने के बजाय थोड़ी मात्रा में मिठाई खाएं। मिठाई खाने के लिए भूखे रहने से बचें। खाली पेट अधिक मीठा खाने से रक्त में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। मिठाई के साथ कोल्ड ड्रिंक या दूसरे मीठे पेय लेने से भी बचना चाहिए। इसकी जगह पानी, नींबू पानी या बिना चीनी वाले पेय का विकल्प चुन सकते हैं।

दिवाली पर नमकीन, कचौरी, समोसे और दूसरे तले हुए पकवान खूब खाए जाते हैं। इनमें अधिक तेल और कैलोरी होती हैं। इनका ज्यादा सेवन करने से पेट भारी होने, गैस और एसिडिटी जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए तली हुई चीजों को सीमित मात्रा में खाएं। इनके साथ सलाद, फल और घर पर बने हल्के व्यंजनों को भी भोजन में शामिल करें।

त्योहार के दौरान भोजन का समय न बिगाड़ें और लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ ज्यादा खाना खाने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं और भोजन के बाद हल्की चहलकदमी करें। मिठाई या पकवान खाने के बाद उसकी भरपाई के लिए अगला भोजन छोड़ना सही तरीका नहीं है।

इसके बजाय अगले भोजन में संतुलित आहार लें। घर पर मिठाई और नमकीन बनाते समय तेल और चीनी की मात्रा कम रख सकते हैं। दिवाली पर स्वाद और सेहत के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। त्योहार का आनंद लें, लेकिन खानपान में मात्रा, गुणवत्ता और नियमितता का ध्यान रखें। इससे त्योहार के दौरान भी सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।