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Butterfly Big Day: पूरे सितंबर में चलेगा बटरफ्लाई मंथ, पर्यावरण में क्‍या है तितलियों का रोल

Butterfly Big Day: सितंबर का पूरा महीना भारत में ‘बिग बटरफ्लाई मंथ’ के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान तितलियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, उनकी ...और पढ़ें

By Deepti MuleyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 02:33:07 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 02:45:51 PM (IST)
Butterfly Big Day: पूरे सितंबर में चलेगा बटरफ्लाई मंथ, पर्यावरण में क्‍या है तितलियों का रोल
विभिन्‍न तितलियों की प्रजातियां।

HighLights

  1. तितलियां पारिस्थितकी तंत्र में परागण से लेकर खाद्य श्रृंखला तक भूमिका।
  2. ‘बटरफ्लाई बिग डे आज -विशेषज्ञों ने कहा कि तितलियों की प्रजातियों
  3. पहचान से लेकर जागरुकता बढ़ाने के साथ संरक्षण पर दे रहे हैं जोर।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रंग-बिरंगी तितलियों की उड़ान केवल प्रकृति की खूबसूरती नहीं बढ़ाती, बल्कि यह पर्यावरण के स्वस्थ होने का भी संकेत है। तितलियां पारिस्थितिकी तंत्र में परागण से लेकर खाद्य शृंखला तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 12 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘बटरफ्लाई बिग डे’ के रूप में मनाया जा रहा है।

वहीं सितंबर का पूरा महीना भारत में ‘बिग बटरफ्लाई मंथ’ के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान तितलियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, उनकी संख्या और आवास को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ इनके संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। जबलपुर की हरियाली और विविध प्राकृतिक क्षेत्रों में भी तितलियों की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं।


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शहर के उद्यानों, जलस्रोतों के आसपास के क्षेत्रों, जंगलों और ग्रामीण इलाकों में मौसम के अनुसार अलग-अलग रंग और आकार की तितलियां दिखाई देती हैं। मानसून के बाद वनस्पतियों में आई हरियाली और फूलों की उपलब्धता के कारण इन दिनों तितलियों की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं।

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शहर में प्रकृति और जैव विविधता को लेकर काम करने वाले सिटीजंस फार नेचर कंजर्वेशन से जुड़े पर्यावरणविद् डा. विजय कुमार यादव के अनुसार तितलियां किसी भी क्षेत्र की जैव विविधता को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। तितलियों का संरक्षण केवल तितलियों को बचाने तक सीमित नहीं है।

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इनके संरक्षण के साथ उन पौधों, फूलों और पूरे प्राकृतिक आवास का संरक्षण होता है, जिन पर ये निर्भर रहती हैं। जब किसी क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों की तितलियां दिखाई देती हैं तो यह वहां के पर्यावरण की स्थिति के बारे में भी महत्वपूर्ण संकेत देता है। जबलपुर में प्राकृतिक और हरित क्षेत्र अभी भी जैव विविधता के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। जरूरत इस बात की है कि स्थानीय स्तर पर इनके आवास को सुरक्षित रखा जाए और लोगों को इनके महत्व की जानकारी दी जाए।”

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बच्चों और युवाओं को जोड़ने पर जोर

  • ‘बिग बटरफ्लाई मंथ’ के दौरान तितलियों को पहचानने, उनकी तस्वीरें लेने और उनके प्राकृतिक आवास को समझने जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि तितलियों के प्रति रुचि पैदा करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहला कदम हो सकता है। तितलियों के संरक्षण के लिए केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है।
  • ऐसे स्थानीय पौधे और फूलदार वनस्पतियां लगाना जरूरी है, जिनसे तितलियों को भोजन और प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
  • कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करना भी इनके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
  • घरों की बालकनी, बगीचों, स्कूल परिसरों और सार्वजनिक उद्यानों में स्थानीय प्रजातियों के फूलदार पौधे लगाकर तितलियों के लिए छोटे-छोटे प्राकृतिक आवास तैयार किए जा सकते हैं।