• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • लाइफस्टाइल

शतरंज, कैरम, सुडोकू और पजल से बच्चों की तार्किक क्षमता को मिलता है बढ़ावा, रोजाना एक घंटा खेलना फायदेमंद

विशेषज्ञों के अनुसार, शतरंज, कैरम, सुडोकू, क्रॉसवर्ड और जिग्सॉ पजल जैसी गतिविधियों के लिए रोजाना करीब एक घंटा निकालना बच्चों की दिनचर्या का उपयोगी हिस...और पढ़ें

By Deepti MuleyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 05:58:52 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 06:08:10 PM (IST)
शतरंज, कैरम, सुडोकू और पजल से बच्चों की तार्किक क्षमता को मिलता है बढ़ावा, रोजाना एक घंटा खेलना फायदेमंद
शतरंज, कैरम, सुडोकू और पजल बच्‍चों के लिए फायदेमंद।

HighLights

  1. पढ़ाई के तनाव को कहें बाय-बाय, माइंड गेम्स से बढ़ाएं एकाग्रता।
  2. विशेषज्ञों ने कहा कि खेलों के जरिए बच्चे धैर्य रखना सीखते हैं।
  3. ऐसे में पढ़ाई के साथ खेलों के लिए समय निकालना भी जरूरी है।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। पढ़ाई का बढ़ता दबाव, होमवर्क पूरा करने की चिंता और अच्छे अंक हासिल करने की अपेक्षा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। लगातार किताबों में व्यस्त रहने से कई बार बच्चे थकान और तनाव महसूस करने लगते हैं।

ऐसे में पढ़ाई के साथ खेलों के लिए समय निकालना भी जरूरी है। खासतौर पर माइंड गेम्स बच्चों को मनोरंजन के साथ सोचने-समझने और समस्याओं का हल खोजने का अवसर देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, शतरंज, कैरम, सुडोकू, क्रॉसवर्ड और जिग्सॉ पजल जैसी गतिविधियों के लिए रोजाना करीब एक घंटा निकालना बच्चों की दिनचर्या का उपयोगी हिस्सा बन सकता है।

इन खेलों के जरिए बच्चे धैर्य रखना, अपनी रणनीति बनाना और किसी काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना सीखते हैं। स्कूल से लौटने के बाद कुछ समय बाहर खेलने और फिर इनडोर गेम्स में हिस्सा लेने से बच्चों को पढ़ाई की एकरसता से बाहर निकलने का अवसर मिलता है।


हर खेल सिखाता है कुछ नया

  • मनोविज्ञानी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि माइंड गेम्स की खासियत यह है कि इनमें बच्चों को केवल जीतने पर ध्यान नहीं देना होता, बल्कि हर चाल और हर कदम के परिणाम के बारे में भी सोचना पड़ता है।
  • शतरंज में अगली चाल की योजना बनाना हो या सुडोकू में सही संख्या का चुनाव करना, दोनों ही गतिविधियां तार्किक सोच को प्रोत्साहित करती हैं। वहीं, जिग्सॉ पजल के टुकड़ों को जोड़ते समय बच्चों को धैर्य और बारीकियों पर ध्यान देना पड़ता है।
  • कैरम जैसे खेल हाथ और आंखों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ एकाग्रता का अभ्यास भी कराते हैं। क्रासवर्ड से शब्दावली और भाषा संबंधी ज्ञान बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जबकि सांप-सीढ़ी जैसे खेल बच्चों को आगे बढ़ने, रुकने और परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देने का अनुभव देते हैं।

  • मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से बच्चों के लिए पढ़ाई और मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। लगातार पढ़ने या किसी कार्य को पूरा करने के दबाव में रहने से बच्चों का मन ऊब सकता है। ऐसे में उनकी पसंद की गतिविधियों में भाग लेना उन्हें मानसिक विराम देने का अवसर देता है।
  • परिवार के सदस्यों या दोस्तों के साथ बोर्ड गेम खेलने से आपसी संवाद भी बढ़ता है। हालांकि, यदि बच्चा लंबे समय तक तनाव, चिंता या उदासी महसूस कर रहा है, तो केवल खेलों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।
  • naidunia_image

    काउंसलिंग के साथ रिलैक्सेशन थेरेपी

    मनोविज्ञानी उनके पास कुछ ऐसे बच्चे भी आते हैं, जो पढ़ाई या दूसरी परिस्थितियों के कारण काफी तनाव में रहते हैं। ऐसे बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार परामर्श दिया जाता है। काउंसलिंग के दौरान रिलैक्सेशन तकनीकों का उपयोग कर उन्हें तनाव से निपटने में मदद की जाती है। कई मामलों में एक सप्ताह तक परामर्श देने के बाद उनकी स्थिति और जरूरत के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाती है। बच्चों के लिए जरूरी है कि वे अपनी परेशानियों को मन में दबाकर न रखें और अभिभावक भी उनकी बातों को समझने का प्रयास करें।

    कैरम व शतरंज खेलना पसंद

    अनुजा खरे बताती हैं कि उन्हें कैरम और शतरंज दोनों खेलना अच्छा लगता है। वह इन खेलों के लिए रोजाना लगभग एक घंटा निर्धारित रखते हैं। अपनी बहन के साथ कैरम खेलने से उन्हें अच्छा महसूस होता है और पढ़ाई के बाद होने वाली थकान से राहत मिलती है। उनके अनुसार, नियमित समय पर पसंदीदा खेल खेलने से दिनचर्या में मनोरंजन के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है।

    आउटडोर के बाद इनडोर गेम्स से मन होता है तरोताजा

    शिवन्या चौधरी के अनुसार स्कूल से आने के बाद वह कुछ देर आउटडोर गेम्स खेलती हैं। इसके बाद उन्हें इनडोर गेम्स में शतरंज खेलना पसंद है। उनका मानना है कि शतरंज खेलने से दिमाग सक्रिय रहता है और पढ़ाई के अलावा भी कुछ नया करने का मौका मिलता है।

    इनडोर खेल के लिए प्रतिदिन एक घंटा निर्धारित

    शिवम ने कहा कि मुझे कैरम और शतरंज दोनों खेलना अच्छा लगता है। वह इन खेलों के लिए रोजाना लगभग एक घंटा निर्धारित रखते हैं। अपनी बहन के साथ कैरम खेलने से उन्हें अच्छा महसूस होता है और पढ़ाई के बाद होने वाली थकान से राहत मिलती है। उनके अनुसार, नियमित समय पर पसंदीदा खेल खेलने से दिनचर्या में मनोरंजन के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है।