
लाइफस्टाइल डेस्क। चाॅकलेट का नाम सुनते ही बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। बड़े भी इसकी मिठास से अछूते नहीं हैं। हालांकि चाॅकलेट और इससे बने प्रोडक्ट्स को लेकर अक्सर शुगर और कैलोरी की चिंता रहती है।
ऐसे में जबलपुर में कुछ महिलाएं और फूड एक्सपर्ट चाॅकलेट को पारंपरिक मैदे वाली कुकीज के बजाय मिलेट्स के साथ जोड़कर नया प्रयोग कर रही हैं।
रागी, बाजरा, ज्वार जैसे मिलेट्स के आटे से तैयार की जा रही चाॅकलेट कुकीज स्वाद के साथ पोषण देने का विकल्प बन रही हैं।
इंटरनेशनल चाॅकलेट डे के मौके पर घरों में तैयार होने वाली इन कुकीज और होममेड चॉकलेट्स की चर्चा भी बढ़ी है।
मिलेट्स से बनी होने के बावजूद चाकलेट कुकीज को सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है। हेल्दी विकल्प का मतलब यह नहीं कि इसे असीमित मात्रा में खाया जाए।
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बच्चों को मिलेट्स से बनी सामान्य चीजें खिलाना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में चाॅकलेट फ्लेवर के जरिए इन्हें उनकी पसंद का रूप दिया जा रहा है। मिलेट्स के आटे में कोको पाउडर और चोको चिप्स मिलाकर कुकीज तैयार की जाती हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें ड्रायफ्रूट्स भी शामिल किए जा सकते हैं। इस तरह बच्चों को चॉकलेट का स्वाद मिलता है और साथ ही मिलेट्स को डाइट में शामिल करने का एक आसान तरीका भी मिल जाता है।
गोलबाजार निवासी हर्षिता जैन बताती हैं कि वे विशेष अवसरों पर घर में चाॅकलेट कुकीज तैयार करती हैं। बच्चों को ये कुकीज काफी पसंद आती हैं। घर पर बनाने का फायदा यह है कि सामग्री की गुणवत्ता और मिठास को अपनी जरूरत के अनुसार रखा जा सकता है। बच्चों के लिए कुकीज बनाते समय वे इसमें ड्रायफ्रूट्स और अन्य पौष्टिक सामग्री भी शामिल करती हैं।
-मिलेट्स में फाइबर और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
-रागी, बाजरा और ज्वार जैसे अनाज डाइट में विविधता बढ़ाते हैं।
-ड्रायफ्रूट्स मिलाने से कुकीज की पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है।
-बच्चों को पसंद आने वाले चॉकलेट फ्लेवर के जरिए मिलेट्स को डाइट में शामिल करना आसान होता है।
-घर पर तैयार करने से मिठास और सामग्री की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है।