• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • लाइफस्टाइल

Diwali Decoration: कबाड़ से करें कमाल, दिवाली पर घर को दें नया रूप, पुरानी बोतलों, डिब्बों और बेकार सामान से करें सजावट

दिवाली की सफाई में बाल्टियां, डिब्बे और कई तरह का हार्डवेयर सामान निकलता है। इन्हें आकार देकर और रंगों से सजाकर गमलों में बदला जा सकता है।

By Daksha VaidkarEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 01:37:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 01:48:13 PM (IST)
Diwali Decoration: कबाड़ से करें कमाल, दिवाली पर घर को दें नया रूप, पुरानी बोतलों, डिब्बों और बेकार सामान से करें सजावट
बेकार की चीजों से दीपावली की सजावट।

HighLights

  1. कांच की बोतलों पर रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. आकर्षक सजावटी वस्तुओं का रूप दिया जा सकता है।
  3. पुराने खराब बल्ब भी कलाकारी के काम आ सकते हैं।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नवरात्र के बाद अब लोग दिवाली की सफाई में जुट गए हैं। इस दौरान घरों से निकलने वाली पुरानी बोतलें, डिब्बे, कपड़े, अखबार और अन्य अनुपयोगी सामान को फेंकने के बजाय इनसे सजावटी और उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं। थोड़ी रचनात्मकता और रंगों के इस्तेमाल से कबाड़ को खूबसूरत रूप दिया जा सकता है। इससे न केवल कचरा कम होगा, बल्कि कम खर्च में घर को नया रूप भी मिलेगा।

पुरानी चीजों को दें नया आकार

डीपी तिवारी बताते हैं कि दिवाली की सफाई में बाल्टियां, डिब्बे और कई तरह का हार्डवेयर सामान निकलता है। इन्हें आकार देकर और रंगों से सजाकर गमलों में बदला जा सकता है। कांच की बोतलों पर रंगों का इस्तेमाल कर उन्हें आकर्षक सजावटी वस्तुओं का रूप दिया जा सकता है। पुराने खराब बल्ब भी कलाकारी के काम आ सकते हैं। वे बताते हैं कि हार्डवेयर की बेकार चीजों को नए नजरिये से देखकर उनसे कई तरह के लघु माडल बनाए जा सकते हैं। उन्होंने खाली इत्र की शीशी से अग्निशामक यंत्र का मॉडल, खाली डिब्बे से ढोल और पानी की टंकी के वाल्व की गेंद से गर्म हवा के गुब्बारे का मॉडल बनाया है।


स्कूल-कॉलेज के कबाड़ से भी बन रहीं कलाकृतियां

  • अखलाक अहमद बताते हैं कि वे अपने साथी विशाल गिरी के साथ हैप्पीनेस बैंक समूह के माध्यम से कबाड़ से उपयोगी और आकर्षक चीजें बनाते हैं।
  • समूह शहर के स्कूलों और कॉलेजों में बेकार पड़े सामान का इस्तेमाल कर अनूठी कलाकृतियां तैयार करता है। इस काम में बच्चों को भी शामिल किया जाता है।
  • ताकि वे रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित हों। एसजीएसयू परिसर में गाड़ियों के पुराने टायर, ड्रम और यात्री सीटों से ट्रक, छोटी रेलगाड़ी और पौधे लगाने के गमले बनाए गए हैं।
  • घरों में भी पुराने ड्रम और बाल्टियों को रंगकर, उन पर मजेदार चेहरे बनाकर पौधे लगाए जा सकते हैं।
  • कुरियर के डिब्बों और गत्तों से कलमदान, स्टेशनरी रखने के डिब्बे और जूते रखने के रैक बनाए जा सकते हैं।
  • समूह ने एसजीएसयू के स्वच्छता गलियारे के लिए अलग-अलग श्रेणियों के चार कूड़ेदानों वाली ‘सेग्रीगेशन एक्सप्रेस’ भी तैयार की है।

पुराने दीयों और बोतलों को भी करें आकर्षक

कलाकार सृष्टि गर्ग पुराने डिब्बों और बाल्टियों पर पिकासो शैली में चित्रकारी कर उन्हें खूबसूरत गमलों में बदलती हैं। उनके अनुसार, कांच की बोतलों को रंगने और उन पर सजावटी सामग्री चिपकाने से आकर्षक सजावटी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कार्यशालाओं में बच्चों को पुराने रद्दी कागज को रोल करके विभिन्न चीजें बनाना भी सिखाया है। इसके अलावा पुराने दीयों को रंगकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इस दिवाली पुरानी चीजों को फेंकने के बजाय उनका रचनात्मक इस्तेमाल कर घर की सजावट को खास बनाया जा सकता है।

कबाड़ से बनाएं ये उपयोगी चीजें

  • कांच की बोतलें: रंगों और सजावटी सामग्री से शोपीस या दीप सजावट तैयार करें।
  • टिन के डिब्बे: पेन स्टैंड, गमले और छोटी लालटेन बनाएं।
  • पुराने कपड़े: तोरण, कुशन कवर, दीवार सजावट और सजावटी थैलियां तैयार करें।
  • अखबार और गत्ता: टोकरियां, फोटो फ्रेम, उपहार बाक्स और दीवार सजावट बनाएं।
  • पुरानी चूड़ियां और सीडी: इनसे दीवार पर लगाने वाले आकर्षक डिजाइन तैयार करें।
  • पुराने दीये: रंगों और सजावटी सामग्री से नया रूप देकर दोबारा इस्तेमाल करें।